Wednesday, February 5, 2020
शादी करना चाहता था मामा, मना करने पर गला घोंट कर दी हत्या
एजेंसी,हाथरस
उत्तर प्रदेश के हाथरस में एक रेस्तरां में 20 वषीर्य बीकॉम द्वितीय वर्ष की छात्रा का शव बरामद हुआ। पुलिस ने बताया कि मंगलवार शाम को जब हम सूचना पर यहां पहुंचे तो छात्रा का शव मिला। बताया जा रहा है कि छात्रा का मामा उससे शादी करना चाहता था लेकिन मना करने पर उसने युवती का घला घोंट कर हत्या कर दिया।
पुलिस के बताया कि रेस्तरां के वेटर ने पीड़िता को सोफे पर पड़ा पाया और जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस को बुलाया गया। रेस्तरां के कर्मचारियों के अनुसार, पीड़िता एक युवक के साथ आई थी, जिसकी पहचान बाद में उसके मामा के रूप में हुई। वह लड़की को एक केबिन में छोड़कर रेस्तरां से निकल गया था। हाथरस के पुलिस अधीक्षक (एसपी) गौरव बंसवाल ने कहा कि प्रथम दृष्ट्या ऐसा लगता है कि उसकी गला घोंटकर हत्या की गई है। उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मृतका के परिवार के सदस्यों द्वारा दी गई शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ धारा 3०2 (हत्या) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
चेहरे पर चेहरा लगाये घूम रहे लोग
सारा खेल तो पैसे का है साहेब। जो आम को खास और खास को आम बना देता है।
पटना। सारा खेल तो पैसे का है साहेब। जो आम को खास और खास को आम बना देता है। अधिक पैसे कमाने के लालच में इंसान इतने रूप बदल रहा है कि उसे अपना खुद का रूप भी ठीक से याद नहीं। दिन में शराफत का मुखौटा डालकर बड़े आदर्शवाद की बात करता है, वही इंसान रात में चोर, दुराचारी और लुटेरा बन जाता है। कुछ ऐसे ही दोहरे चरित्र बुधवार की शाम कालिदास रंगालय के मंच पर देखने को मिले। मौका था प्रांगण द्वारा आयोजित पाटलिपुत्रा नाट्य महोत्सव के चौथे दिन कहे विदूषक, बेंगलूरू की ओर से आयोजित नाटक 'दौ कौड़ी' के मंचन का। नाटक में एक व्यक्ति के दोहरे चरित्र को दिखाने की कोशिश की गई है। किस तरह पुलिस रिश्वत लेकर किसी का दोष दूसरे पर मढ़ देती है। एक राजनेता दूसरों का इस्तेमाल कर राजनीतिक रोटियां सेकते हैं। कैसे स्वतंत्रता सेनानियों के नाम पर भी लोग दुकानदारी करने से नहीं चूकते। हमारे समाज के अधिकतर व्यक्ति मुखौटा लगाकर घूमते हैं। उनका चेहरा दिन में कुछ और होता है और रात में कुछ और हो जाता है। नाटक 'दो कौड़ी का खेल' वल्तोल्त ब्रेख्त के अंग्रेजी नाटक 'थ्री पेनी ओपेरा' का परिमल दत्ता द्वारा हिदी रूपांतरण है। इसका निर्देशन श्रीनिवास बीसैट्टी ने किया।
ये थे कलाकार : आशीष अठावले, शतरूपा भट्टाचार्या, अंकिता जैन, श्री निवास बीशैट्टी, आलोका चटर्जी, मौलिक पांडे, बंशी विश्नोई, विवेक सिन्हा, सिद्धार्थ एसएस, मालविका शुक्ला, पीएल नारायण 'घीनुआ' में दिखी आदिवासियों की भूमि हड़पने की साजिश
कैनमास, पारादीप (उड़ीसा) की ओर से नाटक 'घीनुआ' का मंचन किया गया। घीनुआ भगवती चरण पणिग्रही की मशहूर कहानी शिखर पर आधारित नाटक है। इस नाटक में 1930 के दशक में आदिवासियों की भूमि हड़पने की येन-केन-प्रकेन साजिश को दर्शाने की कोशिश की गई है। नाटक की थीम महात्मा गांधी के स्वराज और समानता के लिए शुरू किये गये आंदोलन से प्रभावित है। इस नाटक में आदिवासियों के सामाजिक परिवेश, उसकी दुर्दशा और कई स्तरों के उपनिवेशवाद और उसकी बुराई से स्वतंत्र होने की उनके संघर्ष का स्मरण कराती है। नाटक का निर्देशन कैलाश पाणिग्राही ने किया है। आज का नाटक
ब्लूमिंग कल्चर एकेडमी ऑफ परफार्मिग आटर््स इम्फाल (मणिपुर) की ओर से 'गधागी लाऊझिंग', क्रिएशन की ओर से 'गड्ढा' और प्रस्तुति की ओर से 'उड़ान' नुक्कड़ नाटक का मंचन होगा।
पति को चाहिए थी मिनी स्कर्ट व सिगरेट-शराब वाली पत्नी, इसलिए दे दिया तलाक
पटना, जेएनएन। पति को जींस-टी-शर्ट व मिनी स्कर्ट पहनने वाली मॉडर्न पत्नी चाहिए थी, लेकिन पत्नी को यह पसंद नहीं था। इससे झल्लाए पति ने पत्नी को फौरी 'तीन तलाक' (Triple Talaq) दे दिया। अब वह इंसाफ (Justice) के लिए जारी अपनी जंग के तहत बिहार राज्य महिला आयोग (Bihar State Woman's Commission) पहुंची है।
पटना की नमरा फातिमा (Namara Fatima) पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर (Software Engineer) हैं। उनकी शादी 2015 में इमरान मुस्तफा (Imran Mustafa) से हुई थी। शादी के बाद नमरा फातिमा पति के साथ दिल्ली चली गई। नमरा के अनुसार इमरान उसपर जींस-टीशर्ट व मिनी स्कर्ट पहनने को कहता था। इमरान उसपर सिगरेट और शराब पीने का भी दबाव बनाता था। इमरान उसे देर रात की पार्टियों में ले जाता था, जहां का माहौल नमरा को रास नहीं आता था। इन बातों से खफा इमरान ने कहा कि अगर वह नहीं बदली तो वह तलाक दे देगा।
नाराज पति ने इसके बाद मारपीट का दौर शुरू कर दिया। इस बीच वह गर्भवती हुई तो अनदेखी के कारण बच्चे की गर्भ में ही मौत हो गई। दूसरी बार गर्भवती होने पर पति ने जबरन गर्भपात करा दिया।
मॉडर्न नहीं बनने की बात कर दे दिया तीन तलाक
बीते साल एक सितंबर को पति ने अप्राकृतिक संबंध बनाने की कोशिश की, जिसका उसने विरोध किया। इसके बाद उसने मारपीट की। फिर, झगड़ा के दौरान उसने नमरा के मॉडर्न नहीं बन सकने की बात करते हुए तत्काल तीन तलाक दे दिया।
अब इंसाफ के लिए दर-दर भटक रही पत्नी
गैरकानूनी तीन तलाक के बाद से नमरा इंसाफ के लिए थाना से महिला आयोग तक दर-दर की ठोकरें खा रही है। नमरा ने पति इमरान के खिलाफ दिल्ली के शाहीन बाग (Shaheen Bagh) में एफआइआर (FIR) दर्ज करा दी है। उसने बिहार राज्य महिला आयोग में भी शिकायत की है। पर, इमरान सुनवाई की तिथि पर बिहार महिला आयोग नहीं पहुंचा। अब महिला आयोग ने सुनवाई की अगली तिथि मार्च में रखी है। आयोग की अध्यक्ष दिलमणी मिश्र इस मामले को गंभीर बताते हुए कहती हैं कि इसमें नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
Friday, January 24, 2020
हमारे समाज में लड़कियों पर एसिड फेंकने वाले राक्षस लड़के हैं, तो इसी समाज में रविशंकर, जयप्रकाश और गौरव जैसे लड़के भी हैं, जिन्होंने एसिड से जल चुके चेहरे की जगह उनके दिल की खूबसूरती को देखा....पीडित लडकियों को एक नई उम्मीद देकर उन्हें जिने का हौसला दिया. इस दुनिया में सब बुरे नहीं है, अच्छे लोग भी होते हैं...ऐसे लोगों को सैल्यूट है...
नारी शक्ति की पूरी उभार का अतित काला अंधेरा
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