Thursday, March 31, 2011
यहां कन्या का विवाह करने से डरते हैं अभिभावक
जलपाईगुड़ी, जागरण संवाददाता : जिले का सिपाहीपाड़ा, बांगालपाड़ा और खुदीपाड़ा ऐसे गांव हैं जहां अपनी बेटियों का ब्याह करने से अभिभावक घबराते हैं। यदि किसी भी सूरत से शादी हो भी गई तो उसे कन्या को वरपक्ष स्वीकार नहीं करते। इससे विवाहिता कन्या को सारी उम्र अपने मायके में ही गुजार देनी पड़ती है। सुनने में यह अविश्र्वनीय लगता है लेकिन है यह सोलहों आने सच। कई साल से नगर बेरुबाड़ी अंचल में शादी ब्याह पर जैसे अघोषित रोक लग गई हो। विवाह का हर प्रस्ताव खारिज हो जाता है। उक्त गांवों की करीब डेढ़ सौ कुंवारी युवतियां शादी का नाम सुनकर ही भयभीत हो जाती हैं। स्थानीय ग्रामीणों से बातचीत करने पर पता चला कि सीमा सुरक्षा बल की कड़ाई के चलते ही शादियां नहीं हो पाती हैं। आरोप है कि बीएसएफ के अत्याचार से यहां लोग अपनी कन्या का विवाह करने से घबराते हैं। इन ग्रामीणों का कहना है कि जब कोई कन्या पक्ष का व्यक्ति इन गांवों में शादी के प्रस्ताव लेकर पहुंचता है तो सीमा सुरक्षा बल वाले उन्हें उल्टी सीधी बात समझा कर गेट के बाहर ही भेज देते हैं। विदित हो कि भारत बांग्लादेश सीमा के जीरो प्वाइंट के भीतर ही ये गांव स्थित हैं जिसके चलते लोगों को इन गांवों तक पहुंचने के लिए गेट से होकर गुजरना पड़ता है। इन गेटों से जाने के लिए निर्धारित समय पर जाना होता है अन्यथा गेटें सुरक्षा कारणों से बंद हो जाती हैं। शादी के लिए पहुंचने वालों से बीएसएफ वाले सीमावर्ती गांव होने के चलते गहन पूछताछ करते हैं जिससे आजिज आकर ये लोग वापस लौट जाते हैं। आरोप है कि सीमा सुरक्षा बल के जवान पूछताछ के क्रम में कन्या पक्ष वालों को शादी के खिलाफ भड़काते हैं। स्थानीय स्वनिर्भर दल की सदस्य मांतिजनेस्सा ने कहा कि सीमा सुरक्षा बल जवानों के असहयोग के चलते यहां की युवतियों की शादी नहीं हो पा रही है। कहा जाता है कि भारत में क्या लड़कियों की कमी है कि बांग्लादेश में शादी कर रहे हो। सैयद रहमान और एनामुल नामक दो युवकों की शादी इसी तरह के व्यवहार के चलते टूट गई। अब्दुल कादिर ने बताया कि उसकी शादी तय हो गई थी। लेकिन जब वह शादी के लिए सीमावर्ती गांव गया तो उसे वहां काफी देर तक रोक कर रखा गया जिससे शादी का वक्त गुजर गया। बहु भात की रस्म के दौरान उसके यहां आने वाले कन्या पक्ष वालों को आने नहीं दिया गया। स्थानीय पंचायत सदस्य नतिबर रहमान ने माना कि इस बारे में कई बार सीमा सुरक्षा बल के उच्च अधिकारियों से शिकायत की गई लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ। इन गांवों के निवासियों की इस व्यथा कथा पर स्थानीय ग्रामीण माजिर अली ने गीत भी लिखे हैं। इनका कहना है कि देश के आजाद होने के बावजूद हम आजाद नागरिक की तरह नहीं जी पा रहे हैं। इसी दुख भरी दास्तान को बयान करने के लिए उन्होंने गीत लिखे हैं। कविताओं की कुछ बानगी इस तरह से है : बाड़ के भीतर रहते हैं मजबूर, गहरी है हमारी तकलीफ, मेहमान व रिश्तेदार घर आएं तो साहब होते हैं मगरूर। जलपाईगुड़ी के सांसद महेंद्र कुमार राय ने कहा कि यह समस्या काफी पुरानी है। बीएसएफ को सीमा की निगरानी करने का काम है। लेकिन उसे शादी ब्याह में रूकावट नहीं डालनी चाहिए। यह तो सरासर अनुचित है। उन्होंने बताया कि सिपाहीपाड़ा, मुदीपाड़ा, अंडूपाड़ा, हिदूपाड़ा, खेखिरडांगा, बांगालपाड़ा के अलावा कुकुरजान, सुखानी और मेखलीगंज महकमा के सीमावर्ती इलाकों की एक ही समस्या है। यदि यहां के लोग उनके पास शिकायत लेकर आते हैं तो वे सीमा सुरक्षा बल के उच्च अधिकारियों से बात कर सकते हैं। सीमा सुरक्षा बल के अधिकारियों ने हालांकि आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। इनका कहना है कि वे ग्रामीणों के शादी ब्याह के मामले में सहयोग करने के लिए हमेशा तैयार हैं। उधर, ग्रामीणों के अनुसार इलाके में 48 नंबर सीमा सुरक्षा बल की बटालियन तैनात होने वाली है। उम्मीद है कि नई बटालियन ग्रामीणों के दुख-दर्द को समझेगी। आने वाला दिन हमारे लिए नई सुबह लेकर आएगा।
Monday, March 28, 2011
सात घंटे तक महिला व युवकों को पेड़ से बांधकर की मारपीट
जमवारामगढ़,rajsthan 28 मार्च। आंधी थाना क्षेत्र के समीप गांव डगोंता में गत रात्रि एक महिला के चाचा ने भतीजी सहित दो अन्य युवकों को सात घण्टे तक बन्धक बनाकर मारपीट की, साथ ही तीनों के बाल भी काट दिए। आंधी थाना इंचार्ज मुरारी लाल मीणा ने बताया कि पीड़िता आशा (बदला हुआ नाम) जो पिछले आठ माह से अपने माता-पिता के साथ जयपुर के शास्त्री नगर एरिया में रह रही है। रविवार को महिला के माता-पिता ने महिला को अपने गांव डगोता से घरेलु सामान लाने के लिए भेजा। महिला जयपुर से बस द्वारा दोपहर को दौसा पहुंची व अपने पड़ौसी के भांजे दुर्गेश महावर दौसा निवासी को फोन कर दौसा-सैथल मार्ग बुलाया जहां से दुर्गेश ने अपने दोस्त नीरू को साथ लिया और महिला सहित दोनों युवक रात्रि आठ बजे महिला के गांव डगोता पहुंचे। गांव पहुंचते ही महिला ने अपने मकान का ताला खोलकर खाना बनाया। उसी समय महिला के चाचा जो पास ही के मकान में रहता है, ने अपने अन्य भाइयों को साथ लेकर महिला के घर का जबरन दरवाजा तोड़कर तीनों को बाहर निकाला और पेड़ से बांधकर तीनों की पिटाई की। इतना ही नहीं आरोपियों ने महिला सहित दोनों युवकों के बाल भी काट दिए। सुबह करीब छ: बजे सूचना पाकर इंचार्ज मुरारी लाल मीणा मौके पर पहुंचे और तीनों को पेड़ से खुलवाया व थाने ले जाकर मेडिकल मुआयना कराया। पीड़ितों के दिए बयानों के आधार पर पुलिस ने मोहन पुत्र बरदू नायक, अमर सिंह पुत्र रामू नायक, नरसिंगा पुत्र रामनाथ नायक, भंवर पुत्र बरदू नायक, ओम प्रकाश पुत्र बाबूलाल नायक व रामकरण पुत्र रुदा नायक को गिरफ्तार किया है वहीं इसी मामले में भगवान सहाय नायक व मनोज नायक अभी भी फरार हैं।
हरियाणा-यूपी के गुर्जरों का एलान, लड़कियों को जींस पहनने नहीं देंगे
लखनऊ. उत्तरप्रदेश व हरियाणा के गुर्जरों ने लड़कियों के जींस पहनने व मोबाइल फोन रखने पर प्रतिबंध लगा दिया है। शनिवार की रात सहारनपुर के विजय सिंह पथिक कन्या विद्यालय में हरियाणा व उत्तरप्रदेश के 52 गांवों की गुर्जर पंचायतें जमा हुईं। इसमें यह प्रस्ताव रखा गया कि समाज की लड़कियों को जींस पहनने व मोबाइल पर रोक लगा दी जाए।
इस पर आम सहमति बनने के बाद पाबंदी की घोषणा कर दी गई। गुर्जर समाज के यशपाल सिंह गुर्जर ने पत्रकारों से कहा, ‘लड़कियों के जींस पहनने व मोबाइल रखने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। यदि समाज की कोई लड़की फैसला नहीं मानेगी तो हमें उसे मनवाना आता है।’ अब देखने वाली बात है कि इस पाबंधी पर कितना अमल होगा।
इस पर आम सहमति बनने के बाद पाबंदी की घोषणा कर दी गई। गुर्जर समाज के यशपाल सिंह गुर्जर ने पत्रकारों से कहा, ‘लड़कियों के जींस पहनने व मोबाइल रखने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। यदि समाज की कोई लड़की फैसला नहीं मानेगी तो हमें उसे मनवाना आता है।’ अब देखने वाली बात है कि इस पाबंधी पर कितना अमल होगा।
Sunday, March 27, 2011
शादी का झांसा देकर नाबालिग से रेप
फरीदाबाद
नाबालिग लड़की को शादी का झांसा देकर घर से भगाने और कई दिनों तक उसके साथ रेप करने का मामला सामने आया है। किशोरी के परिजनों ने इस मामले की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने आरोपी युवक और किशोरी की तलाश में कई स्थानों पर छापामारी कर उन्हें दबोच लिया। युवक के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
सेक्टर-7 थाने में दर्ज मामले के अनुसार सेक्टर-8 निवासी एक महिला ने बताया कि करीब एक सप्ताह पूर्व उसकी नाबालिग बेटी घर से लापता हो गई थी। तलाश करने के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं लगा। तभी महिला को पता चला कि पड़ोस में रहने वाला अनुराग उनकी बेटी को भगा ले गया है। महिला ने अनुराग के खिलाफ बेटी को बहला फुसलाकर भगा ले जाने का मामला दर्ज कराया।
इस मामले की जांच कर रहे सब-इंस्पेक्टर जगदीश ने बताया कि पुलिस टीम ने अनुराग के ठिकानों पर किशोरी को तलाश किया, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। इसी बीच पुलिस को सूचना मिली कि अनुराग लड़की को लेकर गुडईयर चौक पर खड़ा है। पुलिस ने सूचना मिलते ही दोनों को दबोच लिया। लड़की ने पुलिस को बताया कि अनुराग ने कई स्थानों पर ले जाकर उसके साथ रेप किया। इस बारे में किसी को बताने पर उसने लड़की को जान से मारने की धमकी भी दी।
नाबालिग लड़की को शादी का झांसा देकर घर से भगाने और कई दिनों तक उसके साथ रेप करने का मामला सामने आया है। किशोरी के परिजनों ने इस मामले की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने आरोपी युवक और किशोरी की तलाश में कई स्थानों पर छापामारी कर उन्हें दबोच लिया। युवक के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
सेक्टर-7 थाने में दर्ज मामले के अनुसार सेक्टर-8 निवासी एक महिला ने बताया कि करीब एक सप्ताह पूर्व उसकी नाबालिग बेटी घर से लापता हो गई थी। तलाश करने के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं लगा। तभी महिला को पता चला कि पड़ोस में रहने वाला अनुराग उनकी बेटी को भगा ले गया है। महिला ने अनुराग के खिलाफ बेटी को बहला फुसलाकर भगा ले जाने का मामला दर्ज कराया।
इस मामले की जांच कर रहे सब-इंस्पेक्टर जगदीश ने बताया कि पुलिस टीम ने अनुराग के ठिकानों पर किशोरी को तलाश किया, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। इसी बीच पुलिस को सूचना मिली कि अनुराग लड़की को लेकर गुडईयर चौक पर खड़ा है। पुलिस ने सूचना मिलते ही दोनों को दबोच लिया। लड़की ने पुलिस को बताया कि अनुराग ने कई स्थानों पर ले जाकर उसके साथ रेप किया। इस बारे में किसी को बताने पर उसने लड़की को जान से मारने की धमकी भी दी।
दहेज के लिए ससुर और मामा ससुर ने किया बहू से रेप
फरीदाबाद
बल्लभगढ़ के आदर्श नगर में दहेज की मांग पूरी न करने पर ससुरालवालों ने गर्भवती महिला को पीट-पीटकर उसका गर्भ खत्म कर दिया और ससुर व मामा ससुर ने उसके साथ कई दिनों रेप किया। हालांकि रेप का मामला जनवरी 2010 का है, लेकिन पुलिस ने इस संबंध में अब केस दर्ज किया है।
सिटी थाने में दर्ज मामले के अनुसार आदर्श नगर बल्लभगढ़ में रहने वाली एक युवती की शादी 4 दिसंबर 2008 को संगम विहार दिल्ली निवासी राजन कुमार के बेटे चिंतन से हुई थी। शादी में युवती के परिजनों ने करीब 15 लाख रुपये खर्च किए थे। आरोप है कि इसके बावजूद ससुराल वालों ने होंडा सिटी की मांग रखी। फरवरी 2009 को युवती का पिता बेटी की ससुराल गया और कार न देने की असमर्थता जाहिर करते हुए उन्हें एक लाख रुपये दे आया। रुपये मिलने के बाद भी ससुराल वालों का युवती पर कहर जारी रहा। आरोप है कि कार न लाने पर पति चिंतन और सास ऊषा देवी ने 5 जुलाई 2009 को लात-घूंसों से युवती की पिटाई कर उसे छत से नीचे फेंक दिया। इस पिटाई से उसका तीन महीने का गर्भ भी गिर गया।
इस घटना के बारे में युवती ने अपने मायके वालों को बताया। परिवार के लोगों ने सुलहनामा करते हुए पीड़िता को ससुराल में ही रहने के लिए राजी कर लिया। युवती का आरोप है कि जनवरी 2010 में उसका पति चिंतन घर में एक अन्य महिला को ले आया। जब उसने इसका विरोध किया, तो उसका ससुर राजन उसे अलग कमरे में ले गया और उसके साथ बलात्कार किया। उसका यह भी आरोप है कि इस अकेलेपन का फायदा उठाकर उसके ममिया ससुर वीरेन्द्र ने भी उसके साथ बलात्कार किया। दोनों काफी दिनों तक उसके साथ बलात्कार करते रहे। इस घटना से परेशान युवती जैसे-तैसे वहां से भागकर अपने मायके पहुंची। उसने इस बारे में परिवार के लोगों को बताया।
युवती ने आरोप लगाया कि उसके मायके में पहुंचते ही ससुराल वाले भी वहां आ गए और उन्होंने उसके और उसके भाइयों की जमकर पिटाई की। युवती की शिकायत पर पुलिस ने फिलहाल इस संबंध में पति चिंतन, ससुर राजन, सास ऊषा, देवर पंकज व दीपक और ममिया ससुर वीरेंद्र के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। एसएचओ नरेंद्र सिंह ने बताया कि इस मामले की जांच कर आरोपियों को अरेस्ट कर लिया जाएगा।
बल्लभगढ़ के आदर्श नगर में दहेज की मांग पूरी न करने पर ससुरालवालों ने गर्भवती महिला को पीट-पीटकर उसका गर्भ खत्म कर दिया और ससुर व मामा ससुर ने उसके साथ कई दिनों रेप किया। हालांकि रेप का मामला जनवरी 2010 का है, लेकिन पुलिस ने इस संबंध में अब केस दर्ज किया है।
सिटी थाने में दर्ज मामले के अनुसार आदर्श नगर बल्लभगढ़ में रहने वाली एक युवती की शादी 4 दिसंबर 2008 को संगम विहार दिल्ली निवासी राजन कुमार के बेटे चिंतन से हुई थी। शादी में युवती के परिजनों ने करीब 15 लाख रुपये खर्च किए थे। आरोप है कि इसके बावजूद ससुराल वालों ने होंडा सिटी की मांग रखी। फरवरी 2009 को युवती का पिता बेटी की ससुराल गया और कार न देने की असमर्थता जाहिर करते हुए उन्हें एक लाख रुपये दे आया। रुपये मिलने के बाद भी ससुराल वालों का युवती पर कहर जारी रहा। आरोप है कि कार न लाने पर पति चिंतन और सास ऊषा देवी ने 5 जुलाई 2009 को लात-घूंसों से युवती की पिटाई कर उसे छत से नीचे फेंक दिया। इस पिटाई से उसका तीन महीने का गर्भ भी गिर गया।
इस घटना के बारे में युवती ने अपने मायके वालों को बताया। परिवार के लोगों ने सुलहनामा करते हुए पीड़िता को ससुराल में ही रहने के लिए राजी कर लिया। युवती का आरोप है कि जनवरी 2010 में उसका पति चिंतन घर में एक अन्य महिला को ले आया। जब उसने इसका विरोध किया, तो उसका ससुर राजन उसे अलग कमरे में ले गया और उसके साथ बलात्कार किया। उसका यह भी आरोप है कि इस अकेलेपन का फायदा उठाकर उसके ममिया ससुर वीरेन्द्र ने भी उसके साथ बलात्कार किया। दोनों काफी दिनों तक उसके साथ बलात्कार करते रहे। इस घटना से परेशान युवती जैसे-तैसे वहां से भागकर अपने मायके पहुंची। उसने इस बारे में परिवार के लोगों को बताया।
युवती ने आरोप लगाया कि उसके मायके में पहुंचते ही ससुराल वाले भी वहां आ गए और उन्होंने उसके और उसके भाइयों की जमकर पिटाई की। युवती की शिकायत पर पुलिस ने फिलहाल इस संबंध में पति चिंतन, ससुर राजन, सास ऊषा, देवर पंकज व दीपक और ममिया ससुर वीरेंद्र के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। एसएचओ नरेंद्र सिंह ने बताया कि इस मामले की जांच कर आरोपियों को अरेस्ट कर लिया जाएगा।
Friday, March 25, 2011
बेटी से तीन वर्ष तक करता रहा दुष्कर्म, गिरफ्तार
नई दिल्ली सराय रोहल्ला इलाके में रिश्तों को शर्मसार करने वाला एक सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है, जहां एक पिता अपनी नाबालिग बेटी से तीन साल तक दुष्कर्म करता रहा। सराय रोहल्ला थाना पुलिस ने मेडिकल में दुष्कर्म की पुष्टि होने के बाद आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है।
जानकारी के अनुसार आरोपी तेक बहादुर (48) अपने परिवार के साथ सराय रोहल्ला इलाके में रहता है। उसकी तीन बेटियां व दो बेटे हंै। इनमें एक बेटा शादीशुदा है और वह अपनी पत्नी के साथ पश्चिम विहार में रहता है। तेक बहादुर की पत्नी का नौ वर्ष पहले ही देहांत हो गया था। फिलहाल वह जखीरा इलाके में चौकीदारी करता है। पुलिस सूत्रों के अनुसार तेक बहादुर पिछले तीन सालों से अपनी एक बेटी को दुष्कर्म का शिकार बनाता आ रहा है। बताया जाता है कि वह अक्सर शराब के नशे में घर आता था और दुष्कर्म करने के बाद उसे बुरी तरह मारता-पीटता भी था। इसके कारण सहमी बच्ची इस बारे में किसी को बता नहीं पाती थी। मामले का खुलासा सोमवार को तब हुआ जब उसने पश्चिम विहार स्थित भाई के घर जाकर अपनी भाभी को यह बात बताई। इसके बाद सराय रोहल्ला थाना पुलिस को मामले की जानकारी दी गई। पुलिस ने जब बच्ची का मेडिकल कराया तो उसमें दुष्कर्म की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया। from भास्कर न्यूज & bahskar.com
जानकारी के अनुसार आरोपी तेक बहादुर (48) अपने परिवार के साथ सराय रोहल्ला इलाके में रहता है। उसकी तीन बेटियां व दो बेटे हंै। इनमें एक बेटा शादीशुदा है और वह अपनी पत्नी के साथ पश्चिम विहार में रहता है। तेक बहादुर की पत्नी का नौ वर्ष पहले ही देहांत हो गया था। फिलहाल वह जखीरा इलाके में चौकीदारी करता है। पुलिस सूत्रों के अनुसार तेक बहादुर पिछले तीन सालों से अपनी एक बेटी को दुष्कर्म का शिकार बनाता आ रहा है। बताया जाता है कि वह अक्सर शराब के नशे में घर आता था और दुष्कर्म करने के बाद उसे बुरी तरह मारता-पीटता भी था। इसके कारण सहमी बच्ची इस बारे में किसी को बता नहीं पाती थी। मामले का खुलासा सोमवार को तब हुआ जब उसने पश्चिम विहार स्थित भाई के घर जाकर अपनी भाभी को यह बात बताई। इसके बाद सराय रोहल्ला थाना पुलिस को मामले की जानकारी दी गई। पुलिस ने जब बच्ची का मेडिकल कराया तो उसमें दुष्कर्म की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया। from भास्कर न्यूज & bahskar.com
Thursday, March 24, 2011
चाकू की नोक पर अपहरण कर रचाया जबरन ब्याह
अपहरण कर जबरन शादी रचाने के मामले में एक साल बाद दूल्हे सहित छह लोगों पर मामला दर्ज कराया गया है। जहाजपुल की नीतू गर्ग (22) की शिकायत पर पुलिस ने तहसील रोड के राहुल शर्मा, उसके भाई, भाभी, बहन और दो अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस ने यह मामला अदालती आदेश पर दर्ज किया है। युवती ने घटना एक साल पहले की बताई है।
इसी मामले में मुख्य आरोपी राहुल ने भी आठ महीने पहले प्रशासन को शिकायत देकर युवती के परिजनों पर उसकी पत्नी नीतू को बंधक बनाने का आरोप लगाया था। उसने नीतू को पत्नी बताते हुए अदालत में भी दो मुकदमे दायर कर रखे हैं।
कंप्यूटर सेंटर से ले गए थे हांसी
अभियोग के अनुसार नीतू कैंप चौक के पास एक कंप्यूटर सेंटर में कंप्यूटर सीखती थी। वहीं तहसील रोड का राहुल शर्मा (25) भी कंप्यूटर सीखता था। दोनों में जान पहचान हो गई। युवती की मानंे तो राहुल 25 फरवरी 2010 को कहने लगा कि सेंटर के बाहर उसकी भाभी पूजा कार में बैठी है, आओ तुम्हें उनसे मिलाता हूं।
आरोप है कि युवती कार के पास गई तो राहुल, उसकी भाभी पूजा, भाई कमल, बहन किरण ने चाकू के नोक पर कार में उसका अपहरण कर लिया और फिर वे उसे हांसी के आर्य समाज मंदिर में ले गए। वहां राहुल के परिचित हांसी निवासी सतीश और यहां के वार्ड 27 निवासी अश्वनी केडिया मिले। उन लोगों ने फर्जी कागजात के आधार और चाकू के बल पर उसकी शादी राहुल से करा दी।
उन्होंने धमकी दी थी कि उसे और उसके परिजनों को जान से मार देंगे। बाद में वे कार में उसे यहां लाए और जीजेयू के पास छोड़कर फरार हो गए। युवती ने डर के मारे परिजनों को कुछ नहीं बताया। बाद में एक दिन राहुल के फोन करने पर परिजनों को घटना का पता लगा। पुलिस ने इस्तगासे के आधार पर धोखाधड़ी, अपहरण, जालसाजी और आपराधिक षड्यंत्र रचने का केस दर्ज कर लिया है।
इसी मामले में मुख्य आरोपी राहुल ने भी आठ महीने पहले प्रशासन को शिकायत देकर युवती के परिजनों पर उसकी पत्नी नीतू को बंधक बनाने का आरोप लगाया था। उसने नीतू को पत्नी बताते हुए अदालत में भी दो मुकदमे दायर कर रखे हैं।
कंप्यूटर सेंटर से ले गए थे हांसी
अभियोग के अनुसार नीतू कैंप चौक के पास एक कंप्यूटर सेंटर में कंप्यूटर सीखती थी। वहीं तहसील रोड का राहुल शर्मा (25) भी कंप्यूटर सीखता था। दोनों में जान पहचान हो गई। युवती की मानंे तो राहुल 25 फरवरी 2010 को कहने लगा कि सेंटर के बाहर उसकी भाभी पूजा कार में बैठी है, आओ तुम्हें उनसे मिलाता हूं।
आरोप है कि युवती कार के पास गई तो राहुल, उसकी भाभी पूजा, भाई कमल, बहन किरण ने चाकू के नोक पर कार में उसका अपहरण कर लिया और फिर वे उसे हांसी के आर्य समाज मंदिर में ले गए। वहां राहुल के परिचित हांसी निवासी सतीश और यहां के वार्ड 27 निवासी अश्वनी केडिया मिले। उन लोगों ने फर्जी कागजात के आधार और चाकू के बल पर उसकी शादी राहुल से करा दी।
उन्होंने धमकी दी थी कि उसे और उसके परिजनों को जान से मार देंगे। बाद में वे कार में उसे यहां लाए और जीजेयू के पास छोड़कर फरार हो गए। युवती ने डर के मारे परिजनों को कुछ नहीं बताया। बाद में एक दिन राहुल के फोन करने पर परिजनों को घटना का पता लगा। पुलिस ने इस्तगासे के आधार पर धोखाधड़ी, अपहरण, जालसाजी और आपराधिक षड्यंत्र रचने का केस दर्ज कर लिया है।
प्यार में सदा मिला धोखा, दोस्तों के आगे भी देता था परोस
भिवानी. पूरी रात कुएं में वह ईंट के सहारे जिंदगी की डोर थामे रही। सुबह ग्रामीणों ने बाहर निकाला तो बेहोश हो गई। शाम को जब जुबान खोली तो प्यार और धोखे की कहानी सामने आई। हम बात कर रहे हैं काकड़ौली हट्टी की लड़की और तोशाम में15 साल पहले ब्याही गई निर्मल (काल्पनिक नाम) की।
होश में आने के बाद हुआ मेडिकल
भिवानी अस्पताल में बुधवार रात दस बजे मेडिकल के लिए पहुंची निर्मल ने बताया कि उसकी शादी 15 साल पहले तोशाम के ड्राइवर कृष्ण पंघाल से हुई थी। यहां उसने दो लड़कों को जन्म दिया और इसके बाद कृष्ण का व्यवहार बदल गया।
बकौल निर्मल उसे बेल से बांधकर रखा जाता था। तीन साल पहले उसकी मुलाकात ठेके पर काम करने वाले हिसार के गुराना गांव के सतेंद्र से हुई और प्यार कर बैठी। मौका पाकर वह सतेंद्र के साथ भाग खड़ी हुई और बरवाला में मकान बनाकर रहने लगी। साल भर पहले सतेंद्र का व्यवहार बदल गया और वह उसे दोस्तों के आगे भी परोसने लगा। इस दौरान वह अपना दिल गांव के ही एक लड़के को दे बैठी। होली के दिन वह उसी लड़के के साथ डाटा गांव में पूजन के लिए गई थी कि रिश्तेदारों ने दोनों को उठा लिया। उस लड़के को मार पीटकर रास्ते में छोड़ गए, वहीं जुई में उसे अपने रिश्तेदार के यहां छोड़ दिया।
21 मार्च की शाम को गुराना से सतेंद्र अपने भाई नरेंद्र के साथ आया और वहां से पिकअप में उसे ले गया। रास्ते में दोनों ने बारी-बारी से मुंह काला किया और फिर उसे तोशाम ले आए। तोशाम कुएं के पास लाकर सतेंद्र ने पूछा कि क्या वह मुझसे प्यार करती है? निर्मल ने ना में जवाब दिया तो दोनों ने कुएं में धक्का दे दिया। कुएं में उसने एक हाथ एक छेद में फंसा लिया और सारी रात उसी के सहारे टिकी रही। सुबह मुंगीपा धाम की परिक्रमा करने वालों ने उसे निकाला।
होश में आने के बाद हुआ मेडिकल
भिवानी अस्पताल में बुधवार रात दस बजे मेडिकल के लिए पहुंची निर्मल ने बताया कि उसकी शादी 15 साल पहले तोशाम के ड्राइवर कृष्ण पंघाल से हुई थी। यहां उसने दो लड़कों को जन्म दिया और इसके बाद कृष्ण का व्यवहार बदल गया।
बकौल निर्मल उसे बेल से बांधकर रखा जाता था। तीन साल पहले उसकी मुलाकात ठेके पर काम करने वाले हिसार के गुराना गांव के सतेंद्र से हुई और प्यार कर बैठी। मौका पाकर वह सतेंद्र के साथ भाग खड़ी हुई और बरवाला में मकान बनाकर रहने लगी। साल भर पहले सतेंद्र का व्यवहार बदल गया और वह उसे दोस्तों के आगे भी परोसने लगा। इस दौरान वह अपना दिल गांव के ही एक लड़के को दे बैठी। होली के दिन वह उसी लड़के के साथ डाटा गांव में पूजन के लिए गई थी कि रिश्तेदारों ने दोनों को उठा लिया। उस लड़के को मार पीटकर रास्ते में छोड़ गए, वहीं जुई में उसे अपने रिश्तेदार के यहां छोड़ दिया।
21 मार्च की शाम को गुराना से सतेंद्र अपने भाई नरेंद्र के साथ आया और वहां से पिकअप में उसे ले गया। रास्ते में दोनों ने बारी-बारी से मुंह काला किया और फिर उसे तोशाम ले आए। तोशाम कुएं के पास लाकर सतेंद्र ने पूछा कि क्या वह मुझसे प्यार करती है? निर्मल ने ना में जवाब दिया तो दोनों ने कुएं में धक्का दे दिया। कुएं में उसने एक हाथ एक छेद में फंसा लिया और सारी रात उसी के सहारे टिकी रही। सुबह मुंगीपा धाम की परिक्रमा करने वालों ने उसे निकाला।
यहां रेप कर बनाया जाता था MMS
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में रेप करके एमएमएस बनाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस घटना को अंजाम देने वाले आरोपी रिश्ते में चाचा-भतीजे हैं।
दरअसल चाचा श्योराम और भतीजा उमेश लड़कियों को अपना शिकार बनाकर पहले तो रेप करते थे बाद में उनका एमएमएस बनाकर ब्लैकमेल किया करते थे। ऐसे ही एक मामले में यह दोनों पहले भी पांच साल के लिए जेल की हवा खा चूके थे।
सूत्रों के अनुसार जेल से छूटने के बाद भी दोनों नहीं सुधरे और एक बार फिर इन्होंने सरिता विहार इलाके में 20 साल की लड़की को हवस का शिकार बनाया। लड़की का एमएमएस बनाकर ब्लैकमेल कर उससे दोनों रेप करते आ रहे थे। रोज़-रोज़ इनकी मनमानी से तंग आकर लड़की ने सरिता विहार पुलिस से शिकायत की। शिकायत के आधार पर पुलिस ने तत्काल ही इन दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
दरअसल चाचा श्योराम और भतीजा उमेश लड़कियों को अपना शिकार बनाकर पहले तो रेप करते थे बाद में उनका एमएमएस बनाकर ब्लैकमेल किया करते थे। ऐसे ही एक मामले में यह दोनों पहले भी पांच साल के लिए जेल की हवा खा चूके थे।
सूत्रों के अनुसार जेल से छूटने के बाद भी दोनों नहीं सुधरे और एक बार फिर इन्होंने सरिता विहार इलाके में 20 साल की लड़की को हवस का शिकार बनाया। लड़की का एमएमएस बनाकर ब्लैकमेल कर उससे दोनों रेप करते आ रहे थे। रोज़-रोज़ इनकी मनमानी से तंग आकर लड़की ने सरिता विहार पुलिस से शिकायत की। शिकायत के आधार पर पुलिस ने तत्काल ही इन दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
बचा लो साहब आवारा मां ने किया सब बेकार
जमशेदपुर। बलाईडीह निवासी दो बेटियों ने अपनी मां के विरुद्ध पराए पुरुष के साथ अवैध संबंध होने का आरोप लगाते हुए गम्हरिया पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। गम्हरिया थाने में दर्ज सनहा के अनुसार रीता महतो एवं सुनीता महतो द्वारा अपनी मां के बिहली महतो तथा आदित्यपुर निवासी अविराम के बीच वर्षों से अवैध संबंध होने की बात कही गई है। दोनों बहनों ने बताया कि जब वे इसका विरोध करती हैं, तो मां एवं उसका आशिक मिल कर उन्हें जान से मारने की धमकी देते हैं।
इसे लेकर वे भयभीत हैं। शिकायत में कहा गया है कि उनके पिताजी झमरु महतो भी इस नाजायज संबंध का विरोध करते थे, उनके साथ भी दोनों मिलकर मारपीट किया करते थे। इसलिए पिताजी ने आत्महत्या कर ली। दोनों बहनों ने संयुक्त रूप से गम्हरिया थाना प्रभारी से कार्रवाई की मांग की है।
इसे लेकर वे भयभीत हैं। शिकायत में कहा गया है कि उनके पिताजी झमरु महतो भी इस नाजायज संबंध का विरोध करते थे, उनके साथ भी दोनों मिलकर मारपीट किया करते थे। इसलिए पिताजी ने आत्महत्या कर ली। दोनों बहनों ने संयुक्त रूप से गम्हरिया थाना प्रभारी से कार्रवाई की मांग की है।
Tuesday, March 22, 2011
कौन पैदा करेगा इंसानियत की रूह में हरकत
संजय स्वदेश
आज भगत सिंह का बलिदान दिवस है। हर साल की तरह इस बार भी एकाद संगठन के प्रेस नोट से अखबार के किसी कोने में भगत सिंह के को श्रद्धांजलि की खबर दिख जाएगी। शहर में कही धूल खाती भगत सिंह की मूर्ति पर माल्यपर्ण होगा। कहीं संगोष्ठि होगी तो भगत सिंह के विचारों की प्रासंगिकता बता कर उनसे प्रेरणा लेने की बात कही जाएगी। फिर सब कुछ पहले जैसे समान्य हो जाएगा और अगले वर्ष फिर बलिदास दिवस पर यही सिलसिला दोहराया जाएगा। भगत सिंह के विचारों से न किसी को लेना न देना। यदि लेना-देना होता तो आज युवा दिलों में भ्रष्टाचार के खिलाफ धधकने वाली ज्वाला केवल धधकती हुई घुटती नहीं। यह ज्वाला बाहर आती। सड़कों पर आती। सरकार की चूले हिला देती। फिर दिखती कोई मिश्र की तरह क्रांति। भ्रष्टाचारी सत्ता के गलियारे से भाग जाते। लेकिन ऐसा नहीं हो सकता है। युवाओं का मन किसी न किसी रूप में पूरी तरह से गतिरोध की स्थिति में जकड़ चुका है।
वह भगत सिंह को क्यों याद करें। उस क्या लेना-देना क्रांति से। आजाद भारत में क्रांति की बात करने वाले पागल करार दिये गये हैं। छोटे-मोटे अनेक उदहारण है। एक-दो उदाहरण को छोड़ दे तो अधिकर कहां खो गये, किसी को पता नहीं।
गुलाम भारत में भगत सिंह ने कहा था- जब गतिरोधी की स्थितियां लोगों को अपने शिकंज में जकड़ लेती है तो किसी भी प्रकार की तब्दीली से वे हिचकिचाते हैं। इस जड़ता और निष्क्रियता को तोड़ने के लिए एक क्रांतिकारी स्पिरिट पैदा करने की जरुरत होती है। अन्यथा पतन और बर्बादी का वातावरण छा छा जाता है। लोगों को गुमराह करने वाली प्रतिक्रियावादी शक्तियां जनता को गलत रास्ते पर ले जाने में सफल हो जाती है। इस परिस्थिति को बदलने के लिए यह जरूरी है कि क्रांति की स्पिरिट ताजा की जाए, ताकि इंसानियत की रूह में हरकत पैदा हो
शहीद भगत सिंह के नाम भर से केवल कुछ युवा मन ही रोमांचित होते हैं। करीब तीन साल पहले नागपुर में भगत सिंह के शहीद दिवस पर वहां के युवाओं से बातचीत कर स्टोरी की। केवल इतना ही पूछा भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को जानते हो, ये कौन थे। अधिकर युवाओं के केवल इतना ही बनाया कि उन्होंने भगत सिंह का नाम सुना है। उनके बाकी साथियों के नाम पता नहीं था। वह भी भगत सिंह को शहीद के रूप में इस लिए जानते थे, क्योंकि उन्होंने भगत सिंह पर अधारित फिल्में देखी थी या उस पर चर्चा की थी।
देश के अन्य शहरों में भी यदि ऐसी स्टोरी करा ली जाए तो भी शत प्रतिशत यही जवाब मिलेंगे। लिहाजा सवाल है कि आजाद भारत में इंसानियत की रूह में हरकत पैदा करने की जहमत कौन उठाये। वह जमाना कुछ और था जो भगत सिंह जैसे ने देश के बारे में सोचा। आज भी हर कोई चाहता है कि समाज में एक और भगत सिंह आए। लेकिन वह पड़ोसी के कोख से पैदा हो। जिससे बलिदान वह दे और राज भोगे कोई और।
भगत सिंह ने अपने समय के लिए कहा था कि गतिरोधी की स्थितियां लोगों को अपने शिकंजा में कसे हुए है। लेकिन आज गतिरोध की स्थितियां वैसी है। बस अंतर इतना भर है कि स्थितियों का रूप बदला हुआ है। मुर्दे इंसानों की भरमार आज भी है और क्रांतिकारी स्पिरिट की बात करने वाले हम जैसे पालग कहलाते हैं।
आज भगत सिंह का बलिदान दिवस है। हर साल की तरह इस बार भी एकाद संगठन के प्रेस नोट से अखबार के किसी कोने में भगत सिंह के को श्रद्धांजलि की खबर दिख जाएगी। शहर में कही धूल खाती भगत सिंह की मूर्ति पर माल्यपर्ण होगा। कहीं संगोष्ठि होगी तो भगत सिंह के विचारों की प्रासंगिकता बता कर उनसे प्रेरणा लेने की बात कही जाएगी। फिर सब कुछ पहले जैसे समान्य हो जाएगा और अगले वर्ष फिर बलिदास दिवस पर यही सिलसिला दोहराया जाएगा। भगत सिंह के विचारों से न किसी को लेना न देना। यदि लेना-देना होता तो आज युवा दिलों में भ्रष्टाचार के खिलाफ धधकने वाली ज्वाला केवल धधकती हुई घुटती नहीं। यह ज्वाला बाहर आती। सड़कों पर आती। सरकार की चूले हिला देती। फिर दिखती कोई मिश्र की तरह क्रांति। भ्रष्टाचारी सत्ता के गलियारे से भाग जाते। लेकिन ऐसा नहीं हो सकता है। युवाओं का मन किसी न किसी रूप में पूरी तरह से गतिरोध की स्थिति में जकड़ चुका है।
वह भगत सिंह को क्यों याद करें। उस क्या लेना-देना क्रांति से। आजाद भारत में क्रांति की बात करने वाले पागल करार दिये गये हैं। छोटे-मोटे अनेक उदहारण है। एक-दो उदाहरण को छोड़ दे तो अधिकर कहां खो गये, किसी को पता नहीं।
गुलाम भारत में भगत सिंह ने कहा था- जब गतिरोधी की स्थितियां लोगों को अपने शिकंज में जकड़ लेती है तो किसी भी प्रकार की तब्दीली से वे हिचकिचाते हैं। इस जड़ता और निष्क्रियता को तोड़ने के लिए एक क्रांतिकारी स्पिरिट पैदा करने की जरुरत होती है। अन्यथा पतन और बर्बादी का वातावरण छा छा जाता है। लोगों को गुमराह करने वाली प्रतिक्रियावादी शक्तियां जनता को गलत रास्ते पर ले जाने में सफल हो जाती है। इस परिस्थिति को बदलने के लिए यह जरूरी है कि क्रांति की स्पिरिट ताजा की जाए, ताकि इंसानियत की रूह में हरकत पैदा हो
शहीद भगत सिंह के नाम भर से केवल कुछ युवा मन ही रोमांचित होते हैं। करीब तीन साल पहले नागपुर में भगत सिंह के शहीद दिवस पर वहां के युवाओं से बातचीत कर स्टोरी की। केवल इतना ही पूछा भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को जानते हो, ये कौन थे। अधिकर युवाओं के केवल इतना ही बनाया कि उन्होंने भगत सिंह का नाम सुना है। उनके बाकी साथियों के नाम पता नहीं था। वह भी भगत सिंह को शहीद के रूप में इस लिए जानते थे, क्योंकि उन्होंने भगत सिंह पर अधारित फिल्में देखी थी या उस पर चर्चा की थी।
देश के अन्य शहरों में भी यदि ऐसी स्टोरी करा ली जाए तो भी शत प्रतिशत यही जवाब मिलेंगे। लिहाजा सवाल है कि आजाद भारत में इंसानियत की रूह में हरकत पैदा करने की जहमत कौन उठाये। वह जमाना कुछ और था जो भगत सिंह जैसे ने देश के बारे में सोचा। आज भी हर कोई चाहता है कि समाज में एक और भगत सिंह आए। लेकिन वह पड़ोसी के कोख से पैदा हो। जिससे बलिदान वह दे और राज भोगे कोई और।
भगत सिंह ने अपने समय के लिए कहा था कि गतिरोधी की स्थितियां लोगों को अपने शिकंजा में कसे हुए है। लेकिन आज गतिरोध की स्थितियां वैसी है। बस अंतर इतना भर है कि स्थितियों का रूप बदला हुआ है। मुर्दे इंसानों की भरमार आज भी है और क्रांतिकारी स्पिरिट की बात करने वाले हम जैसे पालग कहलाते हैं।
दो बेटियों के साथ मां फांसी पर झूली
मुरैना, 22 मार्च (एजेंसी)। मुरैना जिले के पहाड़गढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत पलकनी गांव में एक महिला ने गृहक्लेश के चलते आज सुबह अपनी दो मासूम बेटियों सहित फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। जिला कलेक्टर एम. के. अग्रवाल ने आज यहां बताया कि पहाड़गढ़ थाना क्षेत्र के पलकनी गांव निवासी भागीरथ रजक की पत्नी भूरी बाई ने आज सुबह अपनी पांच साल की बेटी राखी और दो साल की बेटी गुड़िया को फांसी पर लटकाने के बाद स्वयं ने भी फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। कलेक्टर के मुताबिक भूरी का पति इन दिनों नागपुर में नौकरी के सिलसिले में गया हुआ है। घर में भूरी अपने सास-ससुर और ननद के साथ रह रही थी। भूरी की ननद ने मंगलवार सुबह जब अपनी भाभी का कमरा अंदर से बंद पाया। दरवाजा तोड़ने पर अंदर भूरी अपनी दो बेटियों के साथ फांसी पर लटकी हुई दिखी।
घटना की जानकारी पहाड़गढ़ पुलिस को दी गई। इस बीच राजस्व अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। प्रारंभिक जांच में यह पता चला है कि भूरी गृहक्लेश से परेशान थी।
घटना की जानकारी पहाड़गढ़ पुलिस को दी गई। इस बीच राजस्व अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। प्रारंभिक जांच में यह पता चला है कि भूरी गृहक्लेश से परेशान थी।
होली पर गर्भवती युवती की हत्या
पर एक ओर जहां लोग खुशियां मना रहे थे वहीं नोएडा के एक घर में खूनी होली की स्क्रिप्ट लिखी जा रही थी। आरोप है कि इस घर में होली नहीं मनाई गई लेकिन गर्भवती विवाहिता की गला घोंटकर हत्या कर दी गई। हत्या के इस मामले को आत्महत्या करार देने के लिए उसकी लाश को बाथरूम में चुन्नी के सहारे लटका दिया गया। बाथरूम की ऊंचाई और कमजोर चुन्नी देखकर पुलिस ने घटना का तुरंत अंदाजा लगा लिया। इस सिलसिले में पुलिस ने विवाहिता के पति , सास , ससुर और देवर के खिलाफ दहेज हत्या का मामला दर्ज किया है। पति को छोड़ अन्य आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया है।
घटना सेक्टर -45 के सदरपुर गांव की है। यहां सुरेंद्र चौहान के मकान में वलीदत्त शर्मा का परिवार रहता है। उनके बेटे गौरव शर्मा की 12 दिसंबर 2009 को आगरा की रहने वाली तुलसी शर्मा से शादी हुई थी। तुलसी आगरा के एक प्राइवेट अस्पताल में नर्स थी , जबकि गौरव पार्टियों के लिए प्रोग्राम ऑर्गनाइज कराने का काम करता है। इस घटना के बारे में तुलसी के पिता चंद्रपाल शर्मा ने बताया कि पिछले कुछ महीनों से ससुराल वाले उसे काफी परेशान कर रहे थे। आगरा में ही तुलसी के नाम 100 गज का एक प्लॉट है जिसे बेचकर रुपये लाने के लिए ससुराल वाले दबाव बना रहे थे। उन्होंने बताया कि तुलसी पिछले दो महीने से प्रेग्नेंट थी। उन्होंने बताया कि रविवार सुबह 11:50 बजे अचानक गौरव की मां रेखा ने फोन कर पहले हादसे की सूचना दी। उन्होंने फोन पर बताया कि बाथरूम में पैर फिसलने से तुलसी गंभीर रूप से घायल हो गई है। इसके कुछ देर बाद ही उन्होंने सूचना दी कि उसकी जान जा सकती है। यह जानकारी जब सेक्टर -39 थाने की पुलिस को मिली तो तत्काल एक टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने देखा कि बाथरूम में चुन्नी के सहारे फर्श पर तुलसी की लाश लटकी है। उसके गले में गहरे घाव के निशान थे जिसे देख पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया और बाथरूम को सील कर दिया। पुलिस ने घटनास्थल से फिंगरप्रिंट्स लेकर मामले की जांच शुरू की।
इस बारे में डीएसपी बृजेश श्रीवास्तव ने दहेज हत्या का मामला दर्ज कर तीन आरोपियों सास रेखा , ससुर वलीदत्त शर्मा और देवर सौरभ को हिरासत में ले लिया गया है। महिला का पति गौरव फरार है और उसकी तलाश की जा रही है। पुलिस के मुताबिक , विवाहिता को प्लॉट बेचकर कैश लाने और दहेज के रूप में बाइक की भी मांग कर परेशान किया जा रहा था। इस बारे में कई महत्वपूर्ण साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं। पुलिस हिरासत में ससुराल वालों ने बताया कि होली की सुबह पति और पत्नी के बीच कहासुनी हो गई थी। उसके बाद गौरव अपने कमरे में सो गया जबकि उसकी पत्नी ने बाथरूम में फंदा लगा लिया।
घटना सेक्टर -45 के सदरपुर गांव की है। यहां सुरेंद्र चौहान के मकान में वलीदत्त शर्मा का परिवार रहता है। उनके बेटे गौरव शर्मा की 12 दिसंबर 2009 को आगरा की रहने वाली तुलसी शर्मा से शादी हुई थी। तुलसी आगरा के एक प्राइवेट अस्पताल में नर्स थी , जबकि गौरव पार्टियों के लिए प्रोग्राम ऑर्गनाइज कराने का काम करता है। इस घटना के बारे में तुलसी के पिता चंद्रपाल शर्मा ने बताया कि पिछले कुछ महीनों से ससुराल वाले उसे काफी परेशान कर रहे थे। आगरा में ही तुलसी के नाम 100 गज का एक प्लॉट है जिसे बेचकर रुपये लाने के लिए ससुराल वाले दबाव बना रहे थे। उन्होंने बताया कि तुलसी पिछले दो महीने से प्रेग्नेंट थी। उन्होंने बताया कि रविवार सुबह 11:50 बजे अचानक गौरव की मां रेखा ने फोन कर पहले हादसे की सूचना दी। उन्होंने फोन पर बताया कि बाथरूम में पैर फिसलने से तुलसी गंभीर रूप से घायल हो गई है। इसके कुछ देर बाद ही उन्होंने सूचना दी कि उसकी जान जा सकती है। यह जानकारी जब सेक्टर -39 थाने की पुलिस को मिली तो तत्काल एक टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने देखा कि बाथरूम में चुन्नी के सहारे फर्श पर तुलसी की लाश लटकी है। उसके गले में गहरे घाव के निशान थे जिसे देख पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया और बाथरूम को सील कर दिया। पुलिस ने घटनास्थल से फिंगरप्रिंट्स लेकर मामले की जांच शुरू की।
इस बारे में डीएसपी बृजेश श्रीवास्तव ने दहेज हत्या का मामला दर्ज कर तीन आरोपियों सास रेखा , ससुर वलीदत्त शर्मा और देवर सौरभ को हिरासत में ले लिया गया है। महिला का पति गौरव फरार है और उसकी तलाश की जा रही है। पुलिस के मुताबिक , विवाहिता को प्लॉट बेचकर कैश लाने और दहेज के रूप में बाइक की भी मांग कर परेशान किया जा रहा था। इस बारे में कई महत्वपूर्ण साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं। पुलिस हिरासत में ससुराल वालों ने बताया कि होली की सुबह पति और पत्नी के बीच कहासुनी हो गई थी। उसके बाद गौरव अपने कमरे में सो गया जबकि उसकी पत्नी ने बाथरूम में फंदा लगा लिया।
गुरू-शिष्य के रिश्ते को कलंकित कर दिया वहशी टीचर ने
कानपुर। हवस की प्यास बुझाने के लिए एक शिक्षक ने अपनी शिष्या को शिकार बना एक बार फिर गुरू-शिष्य के रिश्ते को कलंकित कर दिया। छात्रा के पिता ने गजनेर थाने में शिक्षक के लिखाफ बलात्कार का मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने छात्रा को चिकित्सकीय परीक्षण के लिए भेजा है। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक रमाबाई नगर जिले के गजनेर थाना क्षेत्र के गांव निनाया में दलित किशन लाल का परिवार रहता है। उसकी सोलह वर्षीय पुत्री नीलम (काल्पनिक नाम) कक्षा 11 की छात्रा है।
किशन लाल ने रिपोर्ट लिखाते समय गजनेर थाना पुलिस को बताया कि गांव में रहने वाला युवक प्रदीप लोधी बेटी को घर में ट्यूशन पढ़ाने आता था। रविवार को जब घर के सभी लोग खेत पर काम करने गए थे। तभी दोपहर में प्रदीप नीलम को पढ़ाने घर पहुंचा। बेटी को घर में अकेला देख प्रदीप ने उसे दबोच लिया और घसीट कर एक कमरे के अंदर ले गया। जहां उसने डराने-धमकाने के बाद नीलम के साथ बलात्कार कर डाला। इसके बाद प्रदीप उसे मुंह बंद रखने की धमकी देता हुआ फरार हो गया।
शाम को जब परिजन काम करके खेत से घर लौटे तो बदहवाश हालत में नीलम को देख सन्न रह गए। पूछने पर नीलम ने परिजनों को रोते हुए आप बीती सुनाई। जिसे सुनने के बाद किशन लाल गांव वालों के साथ रिपोर्ट लिखाने थाने पहुंचा। गजनेर थाना प्रभारी बीके मिश्रा ने बताया कि पीड़िता की तहरीर के आधार पर शिक्षक के खिलाफ बलात्कार का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपी गांव से फरार है उसे पकड़ने के लिए दबिश दी जा रही है।
किशन लाल ने रिपोर्ट लिखाते समय गजनेर थाना पुलिस को बताया कि गांव में रहने वाला युवक प्रदीप लोधी बेटी को घर में ट्यूशन पढ़ाने आता था। रविवार को जब घर के सभी लोग खेत पर काम करने गए थे। तभी दोपहर में प्रदीप नीलम को पढ़ाने घर पहुंचा। बेटी को घर में अकेला देख प्रदीप ने उसे दबोच लिया और घसीट कर एक कमरे के अंदर ले गया। जहां उसने डराने-धमकाने के बाद नीलम के साथ बलात्कार कर डाला। इसके बाद प्रदीप उसे मुंह बंद रखने की धमकी देता हुआ फरार हो गया।
शाम को जब परिजन काम करके खेत से घर लौटे तो बदहवाश हालत में नीलम को देख सन्न रह गए। पूछने पर नीलम ने परिजनों को रोते हुए आप बीती सुनाई। जिसे सुनने के बाद किशन लाल गांव वालों के साथ रिपोर्ट लिखाने थाने पहुंचा। गजनेर थाना प्रभारी बीके मिश्रा ने बताया कि पीड़िता की तहरीर के आधार पर शिक्षक के खिलाफ बलात्कार का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपी गांव से फरार है उसे पकड़ने के लिए दबिश दी जा रही है।
सुनसान जगह ले जा गर्भवती महिला का किया गैंगरेप, फिर किया हत्या
समस्तीपुर. जिले के खानपुर थाना क्षेत्र के रजवारा गांव में रविवार रात अज्ञात अपराधियों ने एक गर्भवती महिला की सामूहिक दुष्कर्म करने के बाद उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। पुलिस सूत्रों ने सोमवार को य हां बताया कि जिले के चमरबद्धा गांव की तीस वर्षीय शोभा देवी जब खानपुर प्रखंड के रजवारा चौक से दवा खरीदकर वापस घर लौट रही थी तभी अपराधियों ने उसे कब्जे में कर लिया।
इसके बाद वे महिला को एक सुनसान स्थान पर ले गए तथा उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। दुष्कर्म के बाद अपराधियों ने उक्त महिला की गला दबाकर नृशंस हत्या कर दी। सूत्रों ने बताया कि मामले की सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर सोमवार को समस्तीपुर सदर अस्पताल पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतका के शरीर पर कई जख्म भी पाए गए है। इस सिलसिले में संबंधित थाना में अज्ञात अपराधियों के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है।
इसके बाद वे महिला को एक सुनसान स्थान पर ले गए तथा उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। दुष्कर्म के बाद अपराधियों ने उक्त महिला की गला दबाकर नृशंस हत्या कर दी। सूत्रों ने बताया कि मामले की सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर सोमवार को समस्तीपुर सदर अस्पताल पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतका के शरीर पर कई जख्म भी पाए गए है। इस सिलसिले में संबंधित थाना में अज्ञात अपराधियों के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है।
घर में अकेली थी, पडोसी ने लूट ली इज्ज़त
बेगूसराय। जिले के गढ़हरा पंचायत के आशिफपुर मोहल्ले में 14 वर्षीय छात्रा को घर में अकेला पाकर पडो़सी ने उसकी इज्ज़त लूट ली। पडो़सी की उम्र लगभग 25 साल है और वो विवाहित है।
मिली जानकारी के अनुसार ,लड़की के घर वाले पड़ोस में होली खेलने गए हुए थे।इसी बीच रंजन राम के पुत्र सोनू ने युवती के साथ जबरन रेप किया। हालांकि ,बाद में लड़की के शोर करने पर ग्रामीण इकठ्ठा हुए लेकिन तब तक आरोपी भाग निकलने में कामयाब हो गया।
होली के अगले दिन सोमवार को पुलिस में शिकायत दर्ज करायी गयी। पुलिस ने सोनू को गिरफ्तार कर लिया है। लड़की को मेडिकल जांच के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया गया। इधर ,गुस्साए ग्रामीणों ने आरोपी युवक के दुकान में भी जमकर तोड़फोड़ की।
मिली जानकारी के अनुसार ,लड़की के घर वाले पड़ोस में होली खेलने गए हुए थे।इसी बीच रंजन राम के पुत्र सोनू ने युवती के साथ जबरन रेप किया। हालांकि ,बाद में लड़की के शोर करने पर ग्रामीण इकठ्ठा हुए लेकिन तब तक आरोपी भाग निकलने में कामयाब हो गया।
होली के अगले दिन सोमवार को पुलिस में शिकायत दर्ज करायी गयी। पुलिस ने सोनू को गिरफ्तार कर लिया है। लड़की को मेडिकल जांच के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया गया। इधर ,गुस्साए ग्रामीणों ने आरोपी युवक के दुकान में भी जमकर तोड़फोड़ की।
पहले खींची आपत्तिजनक फोटो, फिर जबरन रचा ली शादी
जयपुर. एक युवती को नशीला पदार्थ पिलाकर आपत्तिजनक फोटो खींचने और जबरन शादी रचाने के मामले में बनीपार्क पुलिस ने आरोपी को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश कर दो दिन का रिमांड प्राप्त किया।
मामले के जांच अधिकारी उपनिरीक्षक मुस्तकीम खान ने बताया कि आरोपी टोंक रोड निवासी पुनीत कासलीवाल (29) है। बनीपार्क निवासी 23 वर्षीय एक युवती ने पुनीत व उसके परिजनों के खिलाफ 3 जनवरी को बनीपार्क थाने में मामला दर्ज कराया था। इसके अनुसार वर्ष 2007-08 में महारानी कॉलेज में पढ़ाई के दौरान उसकी मुलाकात पुनीत से हुई थी। दोनों में दोस्ती होने पर उनका एक-दूसरे के घर आना-जाना हो गया।
युवती का आरोप है कि पुनीत ने उसे नशीला पदार्थ पिलाकर आपत्तिजनक फोटो खींच लिए और फिर दबाव बनाकर आर्य समाज में जबरन शादी कर ली। रिपोर्ट के अनुसार मामले का पता चलने पर पुनीत व उसके परिजनों ने युवती के खींचे गए फोटो व अन्य दस्तावेज उसके पिता को लौटाने की एवज में 25 लाख रुपए की मांग की। उनके इनकार करने पर धमकाने लगे। बाद में, पीड़ित ने कोर्ट इस्तगासे से बनीपार्क थाने में मामला दर्ज कराया।
मामले के जांच अधिकारी उपनिरीक्षक मुस्तकीम खान ने बताया कि आरोपी टोंक रोड निवासी पुनीत कासलीवाल (29) है। बनीपार्क निवासी 23 वर्षीय एक युवती ने पुनीत व उसके परिजनों के खिलाफ 3 जनवरी को बनीपार्क थाने में मामला दर्ज कराया था। इसके अनुसार वर्ष 2007-08 में महारानी कॉलेज में पढ़ाई के दौरान उसकी मुलाकात पुनीत से हुई थी। दोनों में दोस्ती होने पर उनका एक-दूसरे के घर आना-जाना हो गया।
युवती का आरोप है कि पुनीत ने उसे नशीला पदार्थ पिलाकर आपत्तिजनक फोटो खींच लिए और फिर दबाव बनाकर आर्य समाज में जबरन शादी कर ली। रिपोर्ट के अनुसार मामले का पता चलने पर पुनीत व उसके परिजनों ने युवती के खींचे गए फोटो व अन्य दस्तावेज उसके पिता को लौटाने की एवज में 25 लाख रुपए की मांग की। उनके इनकार करने पर धमकाने लगे। बाद में, पीड़ित ने कोर्ट इस्तगासे से बनीपार्क थाने में मामला दर्ज कराया।
Monday, March 21, 2011
सीआई की करतूत : दहेज नहीं दिया तो पत्नी को घर से निकाला
जयपुर, 21 मार्च। शादी के करीब डेढ़ साल बाद पत्नी से मारपीट व दस लाख रुपए दहेज मांगने वाले सीआई के खिलाफ पीड़िता ने महिला थाना पूर्व में मामला दर्ज कराया है। आरोपी मामला दर्ज होने के बाद ही थाने से छुट्टी लेकर फरार हो गया।
पीड़िता अंजु मेहरा (30) बापूनगर की रहने वाली है। पीड़िता ने रिपोर्ट में बताया कि उसकी शादी तीन जुलाई सन् 2009 को अनिता कॉलोनी प्रतापनगर निवासी नरेश बंशीवाल के साथ हुई थी। आरोपी टोंक जिले के पीपलू थाने में सीआई के पद पर कार्यरत है। पीड़िता ने रिपोर्ट में बताया कि शादी के बाद से ही आरोपी पति, सास, ससुर, ननद व ननदोई उसको दहेज लाने के लिए परेशान व मारपीट करते हैं। आरोपियों ने कुछ दिन पहले पीड़िता को मारपीट कर घर से बाहर भी निकाल दिया। पीड़िता का आरोपी है कि वह दहेज में दस लाख रुपए मांगता है।
कई जगह छोड़ी सगाई
जांच अधिकारी थानेदार मुनिंदर ने बताया कि आरोपी ने कुछ दिन पहले चंडीगढ़ निवासी युवती से भी सगाई हुई थी। बाद में आरोपी ने शादी के तीन दिन पहले दहेज की अतिरिक्त मांग करते हुए शादी से इनकार कर दिया। इसकी रिपोर्ट पीड़िता ने चंडीगढ़ के सेक्टर 31 थाने में दो साल पूर्व सीआई के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। उस मामले में दोनों के राजीनामा हो गया। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि आरोपी सीआई ने कुछ दिन पहले रावतभाटा में भी एक युवती से सगाई की थी। शादी की तारीख तय हो जाने व कार्ड छपवाने के बाद आरोपी ने उसके साथ सगाई तोड़ दी।
पीड़िता अंजु मेहरा (30) बापूनगर की रहने वाली है। पीड़िता ने रिपोर्ट में बताया कि उसकी शादी तीन जुलाई सन् 2009 को अनिता कॉलोनी प्रतापनगर निवासी नरेश बंशीवाल के साथ हुई थी। आरोपी टोंक जिले के पीपलू थाने में सीआई के पद पर कार्यरत है। पीड़िता ने रिपोर्ट में बताया कि शादी के बाद से ही आरोपी पति, सास, ससुर, ननद व ननदोई उसको दहेज लाने के लिए परेशान व मारपीट करते हैं। आरोपियों ने कुछ दिन पहले पीड़िता को मारपीट कर घर से बाहर भी निकाल दिया। पीड़िता का आरोपी है कि वह दहेज में दस लाख रुपए मांगता है।
कई जगह छोड़ी सगाई
जांच अधिकारी थानेदार मुनिंदर ने बताया कि आरोपी ने कुछ दिन पहले चंडीगढ़ निवासी युवती से भी सगाई हुई थी। बाद में आरोपी ने शादी के तीन दिन पहले दहेज की अतिरिक्त मांग करते हुए शादी से इनकार कर दिया। इसकी रिपोर्ट पीड़िता ने चंडीगढ़ के सेक्टर 31 थाने में दो साल पूर्व सीआई के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। उस मामले में दोनों के राजीनामा हो गया। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि आरोपी सीआई ने कुछ दिन पहले रावतभाटा में भी एक युवती से सगाई की थी। शादी की तारीख तय हो जाने व कार्ड छपवाने के बाद आरोपी ने उसके साथ सगाई तोड़ दी।
Friday, March 18, 2011
मासूम सहित बहू को जलाकर मार डाला
विजयीपुर (गोपालगंज), निसं : विजयीपुर थाने के सरूपायी गांव में हसीना खातून एवं उसके पांच माह की दुधमुही बेटी को दहेज लोभियों ने जला कर मार डाला द्वारा जलाकर मार दिया गया और शव को आनन फानन में दफना दिया। इस मामले में मृतका के पिता कटेया थाने के राजापुर गांव के इदरीश अंसारी ने दहेज हत्याकांड की प्राथामिकी दर्ज करायी है। प्राथमिकी के अनुसार उसने अपने बेटी की शादी 06 में विजयीपुर थाने के सरूपायी गांव के जमालुद्दीन अंसारी के लड़के शरीफ अंसारी के साथ मुस्लिम रीतिरिवाज के साथ संपन्न किया था। अपने समर्थ के अनुसार दान दहेज दिया था। किन्तु बाद में लड़की के सास-ससुर दहेज में सात हजार रुपया और एक मोटरसाइकिल की मांग करने लगे। गरीबी के कारण दहेज नहीं दे सके। इसके चलते लड़की के ससुर जमालुद्दीन अंसारी और साह किस्मती देवी ने उसकी बेटी और उसकी मासूम बच्ची को जलाकर मार डाला और शव को आनन फानन में दफना दिया। विजयीपुर पुलिस दहेज हत्याकांड की प्राथमिकी दर्ज कर मामले की छानबीन कर रही है। http://in.jagran.yahoo.com/news/local/bihar/4_4_7456582.html
शादी में जा रही युवती से गैंग रेप
फरीदाबाद
ऑटो में सवार होकर शादी में जा रही एक युवती के साथ गैंग रेप करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। वारदात का आरोप दो ऑटो चालकों सहित चार लोगों पर लगा है। आरोपियों ने युवती को नैशनल हाइवे के आरजी चौक के पास बने सुलभ शौचालय के पास जबरन ऑटो से उतारकर लोडिंग ऑटो में डाल लिया और उससे रेप किया। वारदात के बाद चारों युवती को सड़क पर ही छोड़कर भाग गए। सूचना मिलते ही पुलिस ने युवती का मेडिकल करवाया और आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
सारन थाना एरिया के पर्वतीया कॉलोनी में 18 वर्षीय रजिया (काल्पनिक नाम ) का परिवार रहता है। बुधवार रात करीब 9 बजे रजिया अपनी सहेली की शादी में जाने के लिए घर से निकली थी। उसे बड़खल चौक के पास जाना था। उसने बल्लभगढ़ के सोहना मोड़ से बड़खल चौक के लिए ऑटो पकड़ा। ऑटो में चालक व दो अन्य युवक पहले से सवार थे। रजिया का आरोप है कि जब ऑटो ओल्ड फरीदाबाद चौक के सुलभ शौचालय के पास पहुंचा तो ऑटो ड्राइवर और उसके दो साथियों ने उसे जबरन ऑटो से उतार लिया और वहां पहले से खड़े सामान ढोने के ऑटो में उसे डाल दिया आरोपियों ने उसे जान से मारने की धमकी दी।
इस बीच वहां लोडिंग ऑटो का ड्राइवर आ गया। आरोप है कि चारों ने उसका मुंह दबाकर उसके साथ रेप किया। वारदात के बाद चारों उसे बड़खल चौक के पास सड़क पर छोड़कर फरार हो गए। रजिया ने मामले की जानकारी फोन पर अपने पिता को दी। इसके बाद उन्होंने वारदात की जानकारी रात को ही पुलिस को दी। पुलिस हरकत में आई और वारदात स्थल का मुआयना किया।
सेक्टर-16 चौकी इंचार्ज संजीव कुमार ने बताया कि उन्होंने युवती के बयान के आधार पर छानबीन शुरू कर दी। वारदात में शामिल शामिल बसेलवा कॉलोनी के ऑटो चालक विरेंद उर्फ मिर्ची, उसके सहचालक भूड़ कॉलोनी के तारा उर्फ विजय, उनके साथी शास्त्री कॉलोनी के रहने वाले चंद्रप्रकाश उर्फ अजय और लोडिंग ऑटो के मालिक बनवारी लाल को गिरफ्तार कर लिया गया है। - 18 Mar 2011, 1150 hrs IST,नवभारत टाइम्स
ऑटो में सवार होकर शादी में जा रही एक युवती के साथ गैंग रेप करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। वारदात का आरोप दो ऑटो चालकों सहित चार लोगों पर लगा है। आरोपियों ने युवती को नैशनल हाइवे के आरजी चौक के पास बने सुलभ शौचालय के पास जबरन ऑटो से उतारकर लोडिंग ऑटो में डाल लिया और उससे रेप किया। वारदात के बाद चारों युवती को सड़क पर ही छोड़कर भाग गए। सूचना मिलते ही पुलिस ने युवती का मेडिकल करवाया और आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
सारन थाना एरिया के पर्वतीया कॉलोनी में 18 वर्षीय रजिया (काल्पनिक नाम ) का परिवार रहता है। बुधवार रात करीब 9 बजे रजिया अपनी सहेली की शादी में जाने के लिए घर से निकली थी। उसे बड़खल चौक के पास जाना था। उसने बल्लभगढ़ के सोहना मोड़ से बड़खल चौक के लिए ऑटो पकड़ा। ऑटो में चालक व दो अन्य युवक पहले से सवार थे। रजिया का आरोप है कि जब ऑटो ओल्ड फरीदाबाद चौक के सुलभ शौचालय के पास पहुंचा तो ऑटो ड्राइवर और उसके दो साथियों ने उसे जबरन ऑटो से उतार लिया और वहां पहले से खड़े सामान ढोने के ऑटो में उसे डाल दिया आरोपियों ने उसे जान से मारने की धमकी दी।
इस बीच वहां लोडिंग ऑटो का ड्राइवर आ गया। आरोप है कि चारों ने उसका मुंह दबाकर उसके साथ रेप किया। वारदात के बाद चारों उसे बड़खल चौक के पास सड़क पर छोड़कर फरार हो गए। रजिया ने मामले की जानकारी फोन पर अपने पिता को दी। इसके बाद उन्होंने वारदात की जानकारी रात को ही पुलिस को दी। पुलिस हरकत में आई और वारदात स्थल का मुआयना किया।
सेक्टर-16 चौकी इंचार्ज संजीव कुमार ने बताया कि उन्होंने युवती के बयान के आधार पर छानबीन शुरू कर दी। वारदात में शामिल शामिल बसेलवा कॉलोनी के ऑटो चालक विरेंद उर्फ मिर्ची, उसके सहचालक भूड़ कॉलोनी के तारा उर्फ विजय, उनके साथी शास्त्री कॉलोनी के रहने वाले चंद्रप्रकाश उर्फ अजय और लोडिंग ऑटो के मालिक बनवारी लाल को गिरफ्तार कर लिया गया है। - 18 Mar 2011, 1150 hrs IST,नवभारत टाइम्स
दरिंदे ने किया 18 महीने में 20 मर्डर और 5 रेप
नांदेड़. महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले की पुलिस ने 18 महीने के भीतर 20 महिलाओं की हत्या करने वाले एक सीरियल किलर को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किया गया सीरियल किलर महिलाओं की हत्या कर उनके जेवर लूट लेता था। इस हत्यारे ने 5 महिलाओं की हत्या करने से पहले उनका रेप भी किया।
अजीज खान उर्फ मोहम्मद पठान नाम के इस शातिर अपराधी ने विदर्भ, मराठावाड़ा समेत आंद्र प्रदेश में भी हत्याओं को अंजाम दिया। पुलिस ने अजीज खान को विदर्भ स्थित उसके पैतृक गांव रूपाली से 11 मार्च को गिरफ्तार किया था।
पुलिस के मुताबिक अजीज खान ने न सिर्फ 20 महिलाओं की हत्या की बल्कि उसने 6 अन्य महिलाओं की हत्या की कोशिश भी की। मूल रूप से नांदेड़ के जवलगांव के रहने वाले अजीज खान ने दो शादियां की हैं और वो पिछले कुछ सालों से रूपाली में रह रहा था।
मामले की जांच कर रहे लोकल क्राइम ब्रांच नांदेड़ के सीनियर इंस्पैक्टर देवीदास नामदेवराव ढोले ने बताया कि अजीज खान अकेली महिलाओं को निशाना बनाता था। वो 45-60 वर्ष की महिलाओं पर हमला करता था। अजीज बेहद पेशेवर तरीके से अकेली महिला के गले को रस्सी को घोटकर पहले उसकी हत्या करता था और फिर पहने हुए जेवर लूट लेता था।
इंस्पैक्टर ढोले के मुताबिक अजीज खान ने नजदीकी आंध्र प्रदेश में भी वारदातों को अंजाम दिया। आंध्र प्रदेश के आदिलाबाद जिले में ही उसने दो हत्याएं की। इंस्पैक्टर ढोले के मुताबिक अजीज खान का मूल उद्देश्य लूट रहता था। पुलिस ने उससे लूटे हुए जेवर भी बरामद किए हैं तथा उसकी निशानदेही पर कुछ सुनारों से भी पूछताछ की है। एक सुनार ने अजीज खान से जेवर खरीदना स्वीकार किया है।
35 वर्षीय अजीज खान ने पुलिस पूछताछ में 20 वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया है। 11 मार्च को गिरफ्तार किए गए अजीज खान को पुलिस ने सात दिन की रिमांड पर लिया था। आज उसकी रिमांड खत्म हो रही है। पुलिस आज उसे कोर्ट में पेश कर उसकी रिमांड बढ़ाने की मांग करेगी।
अजीज खान उर्फ मोहम्मद पठान नाम के इस शातिर अपराधी ने विदर्भ, मराठावाड़ा समेत आंद्र प्रदेश में भी हत्याओं को अंजाम दिया। पुलिस ने अजीज खान को विदर्भ स्थित उसके पैतृक गांव रूपाली से 11 मार्च को गिरफ्तार किया था।
पुलिस के मुताबिक अजीज खान ने न सिर्फ 20 महिलाओं की हत्या की बल्कि उसने 6 अन्य महिलाओं की हत्या की कोशिश भी की। मूल रूप से नांदेड़ के जवलगांव के रहने वाले अजीज खान ने दो शादियां की हैं और वो पिछले कुछ सालों से रूपाली में रह रहा था।
मामले की जांच कर रहे लोकल क्राइम ब्रांच नांदेड़ के सीनियर इंस्पैक्टर देवीदास नामदेवराव ढोले ने बताया कि अजीज खान अकेली महिलाओं को निशाना बनाता था। वो 45-60 वर्ष की महिलाओं पर हमला करता था। अजीज बेहद पेशेवर तरीके से अकेली महिला के गले को रस्सी को घोटकर पहले उसकी हत्या करता था और फिर पहने हुए जेवर लूट लेता था।
इंस्पैक्टर ढोले के मुताबिक अजीज खान ने नजदीकी आंध्र प्रदेश में भी वारदातों को अंजाम दिया। आंध्र प्रदेश के आदिलाबाद जिले में ही उसने दो हत्याएं की। इंस्पैक्टर ढोले के मुताबिक अजीज खान का मूल उद्देश्य लूट रहता था। पुलिस ने उससे लूटे हुए जेवर भी बरामद किए हैं तथा उसकी निशानदेही पर कुछ सुनारों से भी पूछताछ की है। एक सुनार ने अजीज खान से जेवर खरीदना स्वीकार किया है।
35 वर्षीय अजीज खान ने पुलिस पूछताछ में 20 वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया है। 11 मार्च को गिरफ्तार किए गए अजीज खान को पुलिस ने सात दिन की रिमांड पर लिया था। आज उसकी रिमांड खत्म हो रही है। पुलिस आज उसे कोर्ट में पेश कर उसकी रिमांड बढ़ाने की मांग करेगी।
Thursday, March 17, 2011
सुप्रीम कोर्ट ने फैसले से रखैल शब्द नहीं हटाया
नई दिल्ली।। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले से विवादास्पद शब्द रखैल हटाने की मांग वाली महिला संगठन की याचिका खारिज कर दी है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि किसी पुरुष के साथ एक रात गुजार लेने से कोई महिला गुजारा भत्ता के लिए हकदार नहीं मानी जाएगी। इस फैसले में रखैल शब्द इस्तेमाल हुआ था। महिला दक्षता समिति का कहना था कि वैवाहिक स्थिति के आधार पर महिलाओं के लिए यह शब्द अपमानजनक और भेदभावपूर्ण है।
समिति की ओर से दायर इस याचिका को जस्टिस मार्कंडेय काटजू और टी.एस. ठाकुर की बेंच ने इस आधार पर खारिज कर दिया कि फैसले पर सवाल खड़ा करने का समिति को कोई अधिकार नहीं है। ऐसा इसलिए कि जिस वैवाहिक विवाद से जुड़े मामले में यह फैसला दिया गया है उसमें समिति पक्षकार नहीं है।
पिछले साल 21 अक्टूबर को दिए गए फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था, यदि किसी पुरुष के पास रखैल है जिसकी वह आर्थिक जरूरतें पूरी करता है और उसका इस्तेमाल मुख्य तौर पर सेक्स के लिए या नौकरानी के रूप में करता है तो हमारे विचार से वह संबंध शादी जैसा नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट ने फैसले में व्यवस्था दी थी कि जो महिला लिव इन रिलेशन के तहत रहती है वह गुजारा भत्ता पाने की हकदार नहीं है, जब तक वह कुछ मानदंडों को पूरा नहीं करती हो। कोर्ट ने कहा था कि महज वीकएंड में साथ रहने या एक रात साथ बिताने से उसका संबंध पारिवारिक नहीं बन जाता।
देश की एकमात्र महिला अडिशनल सॉलिसीटर जनरल इंदिरा जयसिंह और समिति के उपाध्यक्ष विनय भारद्वाज ने सुप्रीम कोर्ट के टिप्पणी हटाने से इंकार पर निराशा जताई है। 17 Mar 2011, 10.56 hrs IST,पीटीआई
समिति की ओर से दायर इस याचिका को जस्टिस मार्कंडेय काटजू और टी.एस. ठाकुर की बेंच ने इस आधार पर खारिज कर दिया कि फैसले पर सवाल खड़ा करने का समिति को कोई अधिकार नहीं है। ऐसा इसलिए कि जिस वैवाहिक विवाद से जुड़े मामले में यह फैसला दिया गया है उसमें समिति पक्षकार नहीं है।
पिछले साल 21 अक्टूबर को दिए गए फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था, यदि किसी पुरुष के पास रखैल है जिसकी वह आर्थिक जरूरतें पूरी करता है और उसका इस्तेमाल मुख्य तौर पर सेक्स के लिए या नौकरानी के रूप में करता है तो हमारे विचार से वह संबंध शादी जैसा नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट ने फैसले में व्यवस्था दी थी कि जो महिला लिव इन रिलेशन के तहत रहती है वह गुजारा भत्ता पाने की हकदार नहीं है, जब तक वह कुछ मानदंडों को पूरा नहीं करती हो। कोर्ट ने कहा था कि महज वीकएंड में साथ रहने या एक रात साथ बिताने से उसका संबंध पारिवारिक नहीं बन जाता।
देश की एकमात्र महिला अडिशनल सॉलिसीटर जनरल इंदिरा जयसिंह और समिति के उपाध्यक्ष विनय भारद्वाज ने सुप्रीम कोर्ट के टिप्पणी हटाने से इंकार पर निराशा जताई है। 17 Mar 2011, 10.56 hrs IST,पीटीआई
गोवा में बच्ची के साथ बीच पर रेप, आरोपी गिरफ्तार
गोवा. मंगलवार की रात को दक्षिण गोवा के कोलवा बीच पर एक 22 वर्षीय युवक ने एक 11 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। आरोपी मोहम्मद रफीक नदाफ को बुधवार को कोलवा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के सूत्रों ने बताया कि उसगाओ टिस्क में रहने वाली पीड़ित लड़की अपनी 15 वर्षीय बहन के साथ मंगलवार रात को मारगाओ आई थी। उसकी बड़ी बहन अपने तीन पुरुष दोस्तों से मिलने मारगाओ मुनसिपल गार्डन अपनी छोटी बहन को लेकर आई थी। थोड़ी देर बाद पांचों लोग मोटरसाइकिल पर बैठकर कोलवा बीच आ गए।
पुलिस ने बताया कि कोलवा बीच पर जब सब लोग किसी काम में मशगूल थे तभी आरोपी 11 वर्षीय लड़की को अपने साथ झाड़ियों के पीछे ले गया और उसके रेप किया। इसके बाद जब तीनों आदमी लौट गए तो दोनों लड़कियां कोलवा के एक लना के बारे में तब पता चला जब लड़की का खून बहते हुए बड़ी बहन ने देखा।
गुरूवार की सुबह उसे मारगाओ के अस्पाताल ले जाया गया जहां डॉक्टर ने रेप की पुष्टि की। इस बीक दर्ज शिकायर पर कार्रवाई करते हुए कोलवा पुलिस ने नदाफ को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। उस पर आईपीसी की धारा 376 (रेप) और धारा 8 (बच्चों के यौन शोषण) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया।
पुलिस के सूत्रों ने बताया कि उसगाओ टिस्क में रहने वाली पीड़ित लड़की अपनी 15 वर्षीय बहन के साथ मंगलवार रात को मारगाओ आई थी। उसकी बड़ी बहन अपने तीन पुरुष दोस्तों से मिलने मारगाओ मुनसिपल गार्डन अपनी छोटी बहन को लेकर आई थी। थोड़ी देर बाद पांचों लोग मोटरसाइकिल पर बैठकर कोलवा बीच आ गए।
पुलिस ने बताया कि कोलवा बीच पर जब सब लोग किसी काम में मशगूल थे तभी आरोपी 11 वर्षीय लड़की को अपने साथ झाड़ियों के पीछे ले गया और उसके रेप किया। इसके बाद जब तीनों आदमी लौट गए तो दोनों लड़कियां कोलवा के एक लना के बारे में तब पता चला जब लड़की का खून बहते हुए बड़ी बहन ने देखा।
गुरूवार की सुबह उसे मारगाओ के अस्पाताल ले जाया गया जहां डॉक्टर ने रेप की पुष्टि की। इस बीक दर्ज शिकायर पर कार्रवाई करते हुए कोलवा पुलिस ने नदाफ को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। उस पर आईपीसी की धारा 376 (रेप) और धारा 8 (बच्चों के यौन शोषण) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया।
Tuesday, March 15, 2011
शौच को निकली नाबालिग का अपहरण
Mar 15, 07:30 pm
गोपालगंज/ भोरे थाना के हरदियां गांव में अपने घर से शौच को निकली एक नाबालिग लड़की का अपहरण कर लिया गया। काफी खोजबीन के बाद भी लड़की का कहीं पता नहीं चलने पर परिजनों ने तीन लोगों के खिलाफ मामले की थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी है।
जानकारी के अनुसार हरदियां गांव की नूर नेशा खातून की सोलह वर्षीया पुत्री अफसाना खातून घर से शौच के लिए निकली थी। इसी दौरान रास्ते में पूर्व से घात लगाकर बैठे इसी गांव के फिरोज अली सहित तीन लोगों ने उसे जबरन अपने कब्जे में ले लिया तथा उसे साथ लेकर चले गये। जब काफी देर तक उक्त लड़की घर नहीं लौटी तो परिजनों ने उसकी खोजबीन शुरू की। कहीं पता नहीं चलने पर अपहृत लड़की मां ने मामले की भोरे थाने में सोमवार को प्राथमिकी दर्ज करायी। जिसमें फिरोज अली तथा उनकी मां सहित तीन लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया है। from jagran.com
गोपालगंज/ भोरे थाना के हरदियां गांव में अपने घर से शौच को निकली एक नाबालिग लड़की का अपहरण कर लिया गया। काफी खोजबीन के बाद भी लड़की का कहीं पता नहीं चलने पर परिजनों ने तीन लोगों के खिलाफ मामले की थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी है।
जानकारी के अनुसार हरदियां गांव की नूर नेशा खातून की सोलह वर्षीया पुत्री अफसाना खातून घर से शौच के लिए निकली थी। इसी दौरान रास्ते में पूर्व से घात लगाकर बैठे इसी गांव के फिरोज अली सहित तीन लोगों ने उसे जबरन अपने कब्जे में ले लिया तथा उसे साथ लेकर चले गये। जब काफी देर तक उक्त लड़की घर नहीं लौटी तो परिजनों ने उसकी खोजबीन शुरू की। कहीं पता नहीं चलने पर अपहृत लड़की मां ने मामले की भोरे थाने में सोमवार को प्राथमिकी दर्ज करायी। जिसमें फिरोज अली तथा उनकी मां सहित तीन लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया है। from jagran.com
नाबालिग ने बच्चे को जन्म दिया, टीचर पर शक
मनसा।। पंजाब में एक नाबालिग लड़की के बच्चे को जन्म देने की खबर से हर कोई सकते में है, हालांकि जन्म के कुछ देर बाद ही बच्चे की मौत हो गई। इस मामले में लड़की का स्कूल टीचर शक के घेरे में है।
पुलिस ने जानकारी दी कि उसने नाबालिग लड़की की शिकायत पर स्कूल टीचर का डीएनए सैंपल ले लिया है, लेकिन रेप के मामले में फिलहाल किसी व्यक्ति का नाम दर्ज नहीं किया है। पुलिस ने स्कूल टीचर और बच्चे का डीएनए सैंपल को जांच के लिए फरीदकोट मेडिकल कॉलेज भेज दिया है। लड़की को हॉस्पिटल में दाखिल कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। लड़की फिलहाल डिप्रेशन में है।
मनसा के एसएसपी हरदयाल सिंह मान ने इस बात की पुष्टि की कि फलुआ गांव के एक स्कूल टीचर का डीएनए जांच के लिए भेजा गया है। लड़की और उसके पिता द्वारा शिकायत दर्ज करवाने के बाद पुलिस ने इस मामले पर कार्रवाई की और टीचर व बच्चे का डीएनए सैंपल जांच के लिए भेजा।
एसएसपी ने बताया कि इस मामले में अनजान व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज किया गया है, क्योंकि लड़की ने बाद में इस बात से इनकार कर दिया कि टीचर ने उसके साथ रेप किया है। उन्होंने कहा कि लड़की की मानसिक हालत फिलहाल ठीक नहीं है इसलिए जब वह इस सदमे से बाहर आ जाएगी तब उससे पूछताछ की जाएगी।
लड़की 7वीं की छात्रा है और उसने बुढाला के अस्पताल में रविवार रात एक बालक को जन्म दिया, लेकिन जन्म के कुछ देर बाद ही बच्चे की मौत हो गई। लड़की के पिता ने उसके टीचर पर रेप करने का आरोप लगाया है और उसे गिरफ्तार किए जाने की मांग की।
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पुलिस ने जानकारी दी कि उसने नाबालिग लड़की की शिकायत पर स्कूल टीचर का डीएनए सैंपल ले लिया है, लेकिन रेप के मामले में फिलहाल किसी व्यक्ति का नाम दर्ज नहीं किया है। पुलिस ने स्कूल टीचर और बच्चे का डीएनए सैंपल को जांच के लिए फरीदकोट मेडिकल कॉलेज भेज दिया है। लड़की को हॉस्पिटल में दाखिल कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। लड़की फिलहाल डिप्रेशन में है।
मनसा के एसएसपी हरदयाल सिंह मान ने इस बात की पुष्टि की कि फलुआ गांव के एक स्कूल टीचर का डीएनए जांच के लिए भेजा गया है। लड़की और उसके पिता द्वारा शिकायत दर्ज करवाने के बाद पुलिस ने इस मामले पर कार्रवाई की और टीचर व बच्चे का डीएनए सैंपल जांच के लिए भेजा।
एसएसपी ने बताया कि इस मामले में अनजान व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज किया गया है, क्योंकि लड़की ने बाद में इस बात से इनकार कर दिया कि टीचर ने उसके साथ रेप किया है। उन्होंने कहा कि लड़की की मानसिक हालत फिलहाल ठीक नहीं है इसलिए जब वह इस सदमे से बाहर आ जाएगी तब उससे पूछताछ की जाएगी।
लड़की 7वीं की छात्रा है और उसने बुढाला के अस्पताल में रविवार रात एक बालक को जन्म दिया, लेकिन जन्म के कुछ देर बाद ही बच्चे की मौत हो गई। लड़की के पिता ने उसके टीचर पर रेप करने का आरोप लगाया है और उसे गिरफ्तार किए जाने की मांग की।
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परिवार से थी परेशान,बेटे संग कर ली खुदकुशी
पटना। सारण जिले के विष्णुपुरा गांव में एक महिला ने अपने पुत्र के साथ आत्महत्या कर ली ।
सूत्रों के अनुसार रफीक मियां की पत्नी 25 वर्षीय जैबुल ने पारिवारिक कलह से तंग आकर अपने 3 वर्षीय पुत्र के साथ मिट्टी का तेल छिड़क कर आग लगा ली। इससे मौके पर ही दोनों की मौत हो गई।
घटना के बाद से ही महिला का पति समेत परिवार के सभी सदस्य फरार हैं। फिलहाल पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
सूत्रों के अनुसार रफीक मियां की पत्नी 25 वर्षीय जैबुल ने पारिवारिक कलह से तंग आकर अपने 3 वर्षीय पुत्र के साथ मिट्टी का तेल छिड़क कर आग लगा ली। इससे मौके पर ही दोनों की मौत हो गई।
घटना के बाद से ही महिला का पति समेत परिवार के सभी सदस्य फरार हैं। फिलहाल पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
दूल्हे के आगे बाप को रोता देख बेहोश हुई दुल्हन
नागपुर। दहेज के लिए दूल्हे ने शादी में जमकर हंगामा खड़ा किया। दूल्हा सेना का जवान है। उसने भरे मंडप में दुल्हन के पिता से भी हाथापाई की। इससे खुशी का माहौल तनाव में तब्दील हो गया। बाद में दुल्हन को मंडप में ही छोड़कर दूल्हा बारातियों के साथ चला गया। यह वाकया शनिवार को एक शादी समारोह में घटित हुआ है। पुलिस ने आरोपी दूल्हे के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की है।
आरोपी दुल्हा अमीत दिलीप राऊत आनंद नगर कन्हान निवासी है। वह सेना में पदस्थ है। फिलहाल उसकी नियुक्ति जोधपुर में है। अमित की शादी सोमवारी क्वार्टर निवासी सब्जी विक्रेता की छोटी पुत्री से तय की गई थी। शनिवार को मार्कण्डेय सभागृह में कई मेहमान व परिचितों की मौजूदगी में उनकी शादी भी हो गई।
शादी में खुशी का माहौल छाया हुआ था। कुछ मेहमान खाना खा चुके थे तो कुछ बाकी थे। तभी अमित सव्वा तोले की सोने की चेन व करीब 80 हजार रुपए की मांग पर अड़ गया। न मिलने पर उसने लड़की को घर पहुंचने के बाद जान से मारने की धमकी दी। माहौल बिगड़ता देख लड़की के परिजनों व अन्य उपस्थित लोगों ने अमित व उसके माता-पिता को बहुत समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसी ने भी उनकी बातें नहीं सुनी।
इस दौरान अमित ने ससूर से हाथापाई भी की। इसके बाद दोनों पक्षों के लोग आपस में भिड़ गए। भोजन व सामान की भी तोडफोड़ की गई। बताया जा रहा है कि 7 फरवरी को अमित की सगाई हुई, लेकिन उस वक्त दहेज की मांग नहीं की गई थी। लड़की का पिता सब्जी विक्रेता है। उसे दो पुत्रियां व दो पुत्र हैं।
उसने अमीत को भेंट में अंगूठी और करीब 18 हजार रुपए का सूट दिया। लेकिन इससे अमित व उसके घर वाले संतुष्ट नहीं थे। अचानक की गई मांग से वधू पक्ष के लोग काफी परेशान थे। इस बीच सात फेरे ले चुके अमित दुल्हन को मंडप में ही छोड़कर बारातियों के साथ चला गया।
दुल्हन बेहोश अस्पताल में भर्ती
अपने पति के सामने पिता को हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाते देख दुल्हन बेहोश हो गई थी। उसकी हालत को देखते हुए तत्काल उसे अस्पताल में भर्ती किया गया था। अभी भी वह भारी सदमे में है।
आरोपी दुल्हा अमीत दिलीप राऊत आनंद नगर कन्हान निवासी है। वह सेना में पदस्थ है। फिलहाल उसकी नियुक्ति जोधपुर में है। अमित की शादी सोमवारी क्वार्टर निवासी सब्जी विक्रेता की छोटी पुत्री से तय की गई थी। शनिवार को मार्कण्डेय सभागृह में कई मेहमान व परिचितों की मौजूदगी में उनकी शादी भी हो गई।
शादी में खुशी का माहौल छाया हुआ था। कुछ मेहमान खाना खा चुके थे तो कुछ बाकी थे। तभी अमित सव्वा तोले की सोने की चेन व करीब 80 हजार रुपए की मांग पर अड़ गया। न मिलने पर उसने लड़की को घर पहुंचने के बाद जान से मारने की धमकी दी। माहौल बिगड़ता देख लड़की के परिजनों व अन्य उपस्थित लोगों ने अमित व उसके माता-पिता को बहुत समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसी ने भी उनकी बातें नहीं सुनी।
इस दौरान अमित ने ससूर से हाथापाई भी की। इसके बाद दोनों पक्षों के लोग आपस में भिड़ गए। भोजन व सामान की भी तोडफोड़ की गई। बताया जा रहा है कि 7 फरवरी को अमित की सगाई हुई, लेकिन उस वक्त दहेज की मांग नहीं की गई थी। लड़की का पिता सब्जी विक्रेता है। उसे दो पुत्रियां व दो पुत्र हैं।
उसने अमीत को भेंट में अंगूठी और करीब 18 हजार रुपए का सूट दिया। लेकिन इससे अमित व उसके घर वाले संतुष्ट नहीं थे। अचानक की गई मांग से वधू पक्ष के लोग काफी परेशान थे। इस बीच सात फेरे ले चुके अमित दुल्हन को मंडप में ही छोड़कर बारातियों के साथ चला गया।
दुल्हन बेहोश अस्पताल में भर्ती
अपने पति के सामने पिता को हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाते देख दुल्हन बेहोश हो गई थी। उसकी हालत को देखते हुए तत्काल उसे अस्पताल में भर्ती किया गया था। अभी भी वह भारी सदमे में है।
Monday, March 14, 2011
ससुराल पहुंच पत्नी को पीटा
गोपालगंज: पति के विदेश जाने के बाद अपने पिता के घर रह रही रिजवाना की उसके पति ने ससुराल में पहुंचकर बेरहमी से पिटाई कर दी। घटना की सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने मामले की थाने में प्राथमिकी दर्ज कर आरोपी पति को गिरफ्तार कर रविवार को जेल भेज दिया।
जानकारी के अनुसार गोपालपुर थाना के विक्रमपुर गांव की रिजवाना खातून की शादी वर्ष 2006 में सीमावर्ती उत्तरप्रदेश के कुशीनगर जिला के तुर्कपट्टी थाना क्षेत्र के लवकुश पश्चिम टोला गांव के हलीम अंसारी के साथ हुई थी। शादी के बाद दहेज में मोटरसाइकिल तथा कलर टीवी की मांग के लिए हलीम ने पत्नी का गवना कराने से इंकार कर दिया तथा खुद विदेश चला गया। दो साल बाद जब वह घर लौटा तो रिजवाना का गवना हुआ लेकिन एक सप्ताह बाद दोबारा पति विदेश चला गया तथा ससुराल में उसे प्रताड़ित किया जाने लगा। प्रताड़ना से तंग रिजवाना मायके चली आयी। इसी बीच शनिवार को अचानक उसका पति विदेश से घर लौटा और घर में पत्नी को नहीं पाकर अपने ससुराल पहुंच गया। ससुराल पहुंचते ही पति ने पत्नी की पिटाई कर दी। इस मामले में गोपालपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। 13/3/2011, 07:45 pm from jagran.com
जानकारी के अनुसार गोपालपुर थाना के विक्रमपुर गांव की रिजवाना खातून की शादी वर्ष 2006 में सीमावर्ती उत्तरप्रदेश के कुशीनगर जिला के तुर्कपट्टी थाना क्षेत्र के लवकुश पश्चिम टोला गांव के हलीम अंसारी के साथ हुई थी। शादी के बाद दहेज में मोटरसाइकिल तथा कलर टीवी की मांग के लिए हलीम ने पत्नी का गवना कराने से इंकार कर दिया तथा खुद विदेश चला गया। दो साल बाद जब वह घर लौटा तो रिजवाना का गवना हुआ लेकिन एक सप्ताह बाद दोबारा पति विदेश चला गया तथा ससुराल में उसे प्रताड़ित किया जाने लगा। प्रताड़ना से तंग रिजवाना मायके चली आयी। इसी बीच शनिवार को अचानक उसका पति विदेश से घर लौटा और घर में पत्नी को नहीं पाकर अपने ससुराल पहुंच गया। ससुराल पहुंचते ही पति ने पत्नी की पिटाई कर दी। इस मामले में गोपालपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। 13/3/2011, 07:45 pm from jagran.com
Sunday, March 13, 2011
शादी के बीस दिन बाद किशोरी को ले भागा और किया रेप
सिरसा. ढाणी सतनाम की नौंवीं कक्षा की किशोरी को गांव का ही नवविवाहित युवक तीन दिन पहले डरा-धमका कर भगा ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोपी का बीस दिन पहले ही विवाह हुआ था। शुक्रवार रात को वह किशोरी के साथ ओटू के बस स्टैंड पर पुलिस के हत्थे चढ़ गया। अदालत ने आरोपी को जेल भेज दिया।
ढाणी सतनाम सिंह निवासी 16 वर्षीया किशोरी रानियां के राजकीय स्कूल में 9वीं कक्षा में पढ़ती है। 9 मार्च को वह घर से स्कूल गई थी मगर शाम तक जब घर नहीं लौटी तो उसके परिजनों ने तलाश शुरू की। उन्हें मालूम हुआ कि गांव का सुखविंद्र सिंह उर्फ बिट्टू (22) पुत्र नसीब सिंह बस स्टैंड से ही छात्रा को बहला फुसला कर ले गया है। बाद में उन्होंने थाना रानियां पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी सुखविंद्र पर केस दर्ज कर जांच शुरू की। शुक्रवार रात को पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी सुखविंद्र सिंह उक्त छात्रा के साथ गांव ओटू में आया हुआ है। पुलिस ने दोनों को ओटू बस स्टैंड से काबू किया।
चौपटा में भी हुआ था ऐसा केसचौपटा क्षेत्र के गांव रायपुर का युवक मनीष जो एक बच्चे का पिता था,प्यार के झांसे में फंसाकर गांव निरवाण की एक नाबालिग छात्रा को 12 फरवरी 2010 को बहलाफुसला कर गुड़गांव ले गया। वह सिरसा में महिला बहुतकनीकी संस्थान में कंप्यूटर की द्वितीय वर्ष की छात्रा थी। 15 फरवरी 2011 को सिरसा पुलिस ने दोनों को गुड़गांव के धारुहेड़ा इलाके से काबू किया। नाबालिगा को कोर्ट ने नारी निकेतन करनाल व आरोपी मनीष को जेल भेज दिया था।
ढाणी सतनाम सिंह निवासी 16 वर्षीया किशोरी रानियां के राजकीय स्कूल में 9वीं कक्षा में पढ़ती है। 9 मार्च को वह घर से स्कूल गई थी मगर शाम तक जब घर नहीं लौटी तो उसके परिजनों ने तलाश शुरू की। उन्हें मालूम हुआ कि गांव का सुखविंद्र सिंह उर्फ बिट्टू (22) पुत्र नसीब सिंह बस स्टैंड से ही छात्रा को बहला फुसला कर ले गया है। बाद में उन्होंने थाना रानियां पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी सुखविंद्र पर केस दर्ज कर जांच शुरू की। शुक्रवार रात को पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी सुखविंद्र सिंह उक्त छात्रा के साथ गांव ओटू में आया हुआ है। पुलिस ने दोनों को ओटू बस स्टैंड से काबू किया।
चौपटा में भी हुआ था ऐसा केसचौपटा क्षेत्र के गांव रायपुर का युवक मनीष जो एक बच्चे का पिता था,प्यार के झांसे में फंसाकर गांव निरवाण की एक नाबालिग छात्रा को 12 फरवरी 2010 को बहलाफुसला कर गुड़गांव ले गया। वह सिरसा में महिला बहुतकनीकी संस्थान में कंप्यूटर की द्वितीय वर्ष की छात्रा थी। 15 फरवरी 2011 को सिरसा पुलिस ने दोनों को गुड़गांव के धारुहेड़ा इलाके से काबू किया। नाबालिगा को कोर्ट ने नारी निकेतन करनाल व आरोपी मनीष को जेल भेज दिया था।
बेगुनाही साबित करने के लिए पत्नी ने दी 'अग्नि परीक्षा'
मुंबई। कथाओं के अनुसार सतयुग में राम ने अपनी पत्नी सीता की अग्नि परीक्षा ली थी। कुछ इसी तरह एक पत्नी ने अपने पति के सामने अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए खुद के शरीर में आग लगा ली। उसे बचाने गया पति भी आग में झुलस गया। पत्नी की मौत हो गई।
मिली जानकारी के मुताबिक, एक दंपति कलवा स्थित शगुफ्ता अपार्टमेन्ट में रहती थे। शाहिदा नाम की इस औरत का पति चिराग विदेश में नौकरी करता था। जब वह घर वापस आया तो दोनों मियां-बीवी में बहस हो गई। उसी समय पति चिराग ने उसके बाहर रहने के दौरान पत्नी के और अपने प्रेम को ले कर संदेह व्यक्त किया। इस पर पत्नी बिफर पड़ी और उसने कहा कि वह उसके लिए जान भी दे सकती है।
पुलिस के मुताबिक, चिराग ने शाहिदा से कहा की ठीक है फिर वह जान देकर दिखाए। बस क्या था शाहिदा उठी और घर के भीतर रखा केरोसिन खुद पर उड़ेल कर आग लगा दी। उसे बचाने के चक्कर में वह भी बुरी तरह झुलस गया। पत्नी तो जलकर मर गई, पर पति का इलाज चल रहा है।
मिली जानकारी के मुताबिक, एक दंपति कलवा स्थित शगुफ्ता अपार्टमेन्ट में रहती थे। शाहिदा नाम की इस औरत का पति चिराग विदेश में नौकरी करता था। जब वह घर वापस आया तो दोनों मियां-बीवी में बहस हो गई। उसी समय पति चिराग ने उसके बाहर रहने के दौरान पत्नी के और अपने प्रेम को ले कर संदेह व्यक्त किया। इस पर पत्नी बिफर पड़ी और उसने कहा कि वह उसके लिए जान भी दे सकती है।
पुलिस के मुताबिक, चिराग ने शाहिदा से कहा की ठीक है फिर वह जान देकर दिखाए। बस क्या था शाहिदा उठी और घर के भीतर रखा केरोसिन खुद पर उड़ेल कर आग लगा दी। उसे बचाने के चक्कर में वह भी बुरी तरह झुलस गया। पत्नी तो जलकर मर गई, पर पति का इलाज चल रहा है।
Thursday, March 10, 2011
हरिद्वार में की शादी बहादुरगढ़ में इंकार
रोहतक. बहादुरगढ़ की एक लड़की को उसके कथित पति ने पत्नी मानने से इंकार कर दिया है। पीड़ित लड़की ने युवक व उसके माता-पिता के खिलाफ शिवाजी कॉलोनी थाने में यौन उत्पीड़न का केस दर्ज करवाया है।
पुलिस के मुताबिक बहादुरगढ़ स्थित नेहरू कॉलोनी की एक लड़की ने बयान दर्ज करवाया है कि वह 2009 में बहादुरगढ़ स्थित एक फैक्टरी में नौकरी करती थी, वहीं पर रोहतक की रेलवे कालोनी निवासी विकास आता था, जोकि एक कोरियर कंपनी में काम करता था। दोनों के बीच संपर्क हो गया। इस दौरान उन दोनों में प्यार हो गया।
इस के बाद एक दिन विकास उसे शादी के नाम पर हरिद्वार ले गया और वहां पर अपने दोस्तों की मौजूदगी में शादी कर ली। इसके बाद लगातार उसका यौन शोषण करता रहा। अब शादी के सबूत नष्ट करके उसे पत्नी मानने से इंकार कर रहा है। पुलिस ने लड़के व उसके माता पिता के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी है।
प्यार में धोखा मिला
लड़की ने बताया कि मुझे नहीं पता था कि मुझे प्यार में इतना बड़ा धोखा मिलेगा। विकास ने मुझसे कई वादे किए थे। अब उसी ने उन वादों को तोड़ दिया।
पुलिस ने नहीं सुनी फरियाद
युवती का कहना है कि उसने बहादुरगढ़ पुलिस को वारदात के बारे में अवगत करवाया था, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। बुधवार को एक बार फिर बहादुरगढ़ थाने में पहुंची और जहां उसे बताया गया कि मामला शिवाजी कॉलोनी थाने का है। ऐसे में वह रोहतक आ गई है।
आरोपी को जल्द गिरफ्तार करेंगे
सिविल अस्पताल में लड़की का मेडिकल करवाकर मामला दर्ज कर लिया गया है। जल्द आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
इंस्पेक्टर रामनारायण, शिवाजी कॉलोनी थाना प्रभारी।
पुलिस के मुताबिक बहादुरगढ़ स्थित नेहरू कॉलोनी की एक लड़की ने बयान दर्ज करवाया है कि वह 2009 में बहादुरगढ़ स्थित एक फैक्टरी में नौकरी करती थी, वहीं पर रोहतक की रेलवे कालोनी निवासी विकास आता था, जोकि एक कोरियर कंपनी में काम करता था। दोनों के बीच संपर्क हो गया। इस दौरान उन दोनों में प्यार हो गया।
इस के बाद एक दिन विकास उसे शादी के नाम पर हरिद्वार ले गया और वहां पर अपने दोस्तों की मौजूदगी में शादी कर ली। इसके बाद लगातार उसका यौन शोषण करता रहा। अब शादी के सबूत नष्ट करके उसे पत्नी मानने से इंकार कर रहा है। पुलिस ने लड़के व उसके माता पिता के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी है।
प्यार में धोखा मिला
लड़की ने बताया कि मुझे नहीं पता था कि मुझे प्यार में इतना बड़ा धोखा मिलेगा। विकास ने मुझसे कई वादे किए थे। अब उसी ने उन वादों को तोड़ दिया।
पुलिस ने नहीं सुनी फरियाद
युवती का कहना है कि उसने बहादुरगढ़ पुलिस को वारदात के बारे में अवगत करवाया था, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। बुधवार को एक बार फिर बहादुरगढ़ थाने में पहुंची और जहां उसे बताया गया कि मामला शिवाजी कॉलोनी थाने का है। ऐसे में वह रोहतक आ गई है।
आरोपी को जल्द गिरफ्तार करेंगे
सिविल अस्पताल में लड़की का मेडिकल करवाकर मामला दर्ज कर लिया गया है। जल्द आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
इंस्पेक्टर रामनारायण, शिवाजी कॉलोनी थाना प्रभारी।
बहन के सामने खेत में किया सहेली का रेप
सुपौल. जिले के वीरपुर अनुमंडल स्थित बनैलीपट्टी पंचायत के वार्ड न.1 में कल सात साल की एक मासूम बालिका के साथ रेप का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, सुनीता (बदला हुआ नाम) अपनी एक सहेली के साथ गेहूं के खेत में खेल रही थी।
तभी कहीं से उसकी सहेली का भाई राजेश मेहता (21) आ गया। उसने खेत में ही अपनी बहन के सामने उसकी सहेली सुनीता का रेप किया और फिर फरार हो गया। इस संबंध में पीड़िता के पिता बाबूनंद यादव ने थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी है। पुलिस आरोपी को पकड़ने के लिए छापेमारी कर रही है। -अनिमेष नचिकेता/ fraom dainikbahskar.com
तभी कहीं से उसकी सहेली का भाई राजेश मेहता (21) आ गया। उसने खेत में ही अपनी बहन के सामने उसकी सहेली सुनीता का रेप किया और फिर फरार हो गया। इस संबंध में पीड़िता के पिता बाबूनंद यादव ने थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी है। पुलिस आरोपी को पकड़ने के लिए छापेमारी कर रही है। -अनिमेष नचिकेता/ fraom dainikbahskar.com
Wednesday, March 9, 2011
बचपन में दफनाई गई, अब लड़कियों को बचा रही है
विजय सिंह।। मुंबई सुनीता अरालीकर जब सिर्फ 16 दिन की थीं, तभी उनके अनपढ़ पिता ने उनको जमीन में गाड़ दिया था। वह अपनी अंतिम सांसें गिन रही थीं, तभी ऐनवक्त पर उनके नाना मौके पर पहुंचे और सुनीता को बचा लिया। आज सुनीता जानीमानी लेखिका और समाजिक कार्यकर्ता हैं। सुनीता लातूर के आसपास के इलाकों पिछले कई सालों से कन्या शिशु हत्या के खिलाफ जबर्दस्त मुहिम चला रही हैं। 53 साल की सुनीता ने दहेज, छेड़छाड़ और जाति व्यवस्था के खिलाफ भी लोगों को जागरूक किया है।
सुनीता कहती हैं, ' मेरे जन्म के 15 दिन बाद ही मेरी मां इस दुनिया से चल बसीं। जब मैं 16 दिन की हुई तो मेरे पिता ने मुझे गांव के तलाब के पास जिंदा गाड़ दिया। दरअसल, वह मुझे जिंदा नहीं देखना चाहते थे। '
सुनीता आगे बताती हैं, 'तब लातूर बहुत ही पिछड़ा इलाका था और मेरा जन्म एक गरीब दलित परिवार में हुआ था। लेकिन मेरे नाना ने मुझे पढ़ाने का निश्चय किया और उनकी बदौलत ही मैं पढ़ाई पूरी कर पाई।'
इमर्जेंसी के वक्त जेल जा चुकीं सुनीता 2 साल पुणे के एक पब्लिशर राजन खान से मिलीं। उन्होंने सुनीता को आत्मकथा लिखने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद सुनीता ने अपनी आत्मकथा लिखी। बकौल सुनीता, अगर मेरी आत्मकथा से लोग प्रेरणा लेते हैं, तो यह मेरे लिए खुशी की बात होगी। 8 Mar 2011, 0938 hrs IST,टाइम्स न्यूज नेटवर्क
सुनीता कहती हैं, ' मेरे जन्म के 15 दिन बाद ही मेरी मां इस दुनिया से चल बसीं। जब मैं 16 दिन की हुई तो मेरे पिता ने मुझे गांव के तलाब के पास जिंदा गाड़ दिया। दरअसल, वह मुझे जिंदा नहीं देखना चाहते थे। '
सुनीता आगे बताती हैं, 'तब लातूर बहुत ही पिछड़ा इलाका था और मेरा जन्म एक गरीब दलित परिवार में हुआ था। लेकिन मेरे नाना ने मुझे पढ़ाने का निश्चय किया और उनकी बदौलत ही मैं पढ़ाई पूरी कर पाई।'
इमर्जेंसी के वक्त जेल जा चुकीं सुनीता 2 साल पुणे के एक पब्लिशर राजन खान से मिलीं। उन्होंने सुनीता को आत्मकथा लिखने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद सुनीता ने अपनी आत्मकथा लिखी। बकौल सुनीता, अगर मेरी आत्मकथा से लोग प्रेरणा लेते हैं, तो यह मेरे लिए खुशी की बात होगी। 8 Mar 2011, 0938 hrs IST,टाइम्स न्यूज नेटवर्क
Tuesday, March 8, 2011
तलवार की वकील की मां और डीयू की छात्रा की हत्या
दिल्ली में 2 कत्ल: नई दिल्ली. दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा 'अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस' के ही दिन एक बार फिर तार-तार हो गई जब दिन दहाड़े दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा की गोली मारकर हत्या कर दी। अपराधियों ने एक बुजुर्ग महिला का भी कत्ल कर दिया।
रामलाल आनंद कॉलेज में पढ़ने वाली 22 साल की राधिका तंवर को अज्ञात हमलावरों ने मंगलवार की सुबह 10:20 बजे के करीब तब गोली मारी जब वह कॉलेज के पास मौजूद फुट ओवर ब्रिज पर थी। हमलावर गोली मारने के बाद फरार हो गए। छात्रा को एम्स के ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस के मुताबिक छात्रा कॉलेज में स्नातक पाठ्यक्रम की दूसरे वर्ष की छात्रा थी। दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि वारदात के पीछे हमलावरों की मंशा की जांच की जा रही है।
जहां एक ओर दिल्ली में अपराधी छात्रा को गोली से निशाना बना रहे थे, उसी समय संसद में गृहमंत्री यह दावा कर रहे थे देश में महिलाओं के खिलाफ अपराध में कमी आई है। मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने संसद में दिए एक बयान में कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध में कमी आई है। वहीं, सीपीएम की नेता वृंदा करात ने राज्यसभा में महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा जोरशोर से उठाया। उन्होंने कहा कि आज देश में महिलाएं खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रही हैं।
इस घटना के कुछ ही देर बाद, दोपहर में विवेक विहार में अपराधियों ने 83 साल की अन्ना नमन की हत्या कर दी। अन्ना राजेश और नुपुर तलवार की वकील (आरुषि हत्याकांड में) रेबिका जॉन की मां थीं।
हर18 घंटे में महिला के साथ रेप की गवाह बनती है दिल्ली दिल्ली सिर्फ देश की प्रशासनिक राजधानी नहीं बल्कि महिलाओं के खिलाफ अपराध की भी 'राजधानी' बन गई है। हालत यह है कि देश में हो रहा रेप का हर चौथा मामला दिल्ली में होता है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के मुताबिक 2010 में 489 रेप के मामले दर्ज किए गए, जबकि 2009 में 459 ऐसे केस पुलिस के सामने आए। महिलाओं का अपहरण और छेड़छाड़ भी दिल्ली में आम हो गया है।
2010 में देश भर में 3544 महिलाएं अगवा की गईं। इसमें 1379 महिलाएं राजधानी दिल्ली की हैं। दिल्ली पुलिस के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक राजधानी में हर 18 घंटे में महिलाओं के साथ बलात्कार और हर 14 घंटे में छेड़छाड़ की घटना होती है। देश में महिलाओं पर अपराध के मामले बढ़े हैं, दिल्ली देश के उन ३५ शहरों में पहले नंबर पर है, जहां महिलाएं सबसे अधिक असुरक्षित है। हालांकि जिस तरह से उत्तर प्रदेश, बिहार और हरियाणा में अपराध के मामले सामने आ रहे है उससे इस बात से अब कोई अंतर नहीं दिखता की आप किस शहर या मोहल्ले में है। स्त्री की आधी दुनिया न तो घर में सुरक्षित है, न व्यस्तम भीड़ भाड़ वाली सड़क पर, न ही हॉस्टल में। और तो और ट्रेन में अकेले यात्रा करना भी लड़कियों के लिए सुरक्षित नहीं रह गई है। पिछले दिनों अपराध के कुछ ऐसे मामले सामने आए है जो यह बताते है कि अब इस बात से भी कुछ ज्यादा फर्क नहीं पड़ता कि उम्र क्या है? चाहे ढाई साल की बच्ची हो या कॉलेज छात्रा या फिर घरों में महिलाएं सभी अपराध की शिकार हो रही है।
राजधानी में इन दिनों ब्लेडमैन के आतंक से लड़कियां डरी हुई हैं। पिछले कुछ हफ्तों में कोई सिरफिरा युवक कई लड़कियों को ब्लेड मारकर घायल कर चुका है। दिल्ली महिलाओं के लिए कितनी असुरक्षित हो चुकी इस बात अंदाजा बॉलीवुड की ऐक्ट्रेस गुल पनाग के उस बयान से लगाया जा सकता है, जिसमें उन्होंने कहा था कि दिल्ली पिछले कुछ सालों में बदल गई है, लेकिन यहां के पुरुषों की एक आदत नहीं बदली है और वह है लड़कियों को छेड़ने की। गौरतलब है कि गुल पनाग जनवरी में जब दिल्ली मैराथन में भाग लेने के लिए आई थीं तो उनके साथ छेड़छाड़ की घटना हुई थी, जिसके बाद गुल पनाग ने ये टिप्पणी की थी। गृह मंत्री चिदंबरम चाहे जो कहें दिल्ली और एनएसीआर क्षेत्र में महिलाओं के खिलाफ आपराधिक मामले बढ़े हैं।
महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले2008 : 195,856
2009 : 203,804
'देश भर में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ यौन उत्पीड़न के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।'राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष गिरिजा व्यास
'दिल्ली पिछले कुछ सालों में बदल गई है, लेकिन यहां के पुरुषों की एक आदत नहीं बदली है और वह है लड़कियों को छेड़ने की।'
गुल पनाग, बॉलीवुड ऐक्टर
http://www.bhaskar.com/article/DEL-du-student-killed-in-broad-day-light-in-delhi-1916754.html?HT4=
रामलाल आनंद कॉलेज में पढ़ने वाली 22 साल की राधिका तंवर को अज्ञात हमलावरों ने मंगलवार की सुबह 10:20 बजे के करीब तब गोली मारी जब वह कॉलेज के पास मौजूद फुट ओवर ब्रिज पर थी। हमलावर गोली मारने के बाद फरार हो गए। छात्रा को एम्स के ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस के मुताबिक छात्रा कॉलेज में स्नातक पाठ्यक्रम की दूसरे वर्ष की छात्रा थी। दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि वारदात के पीछे हमलावरों की मंशा की जांच की जा रही है।
जहां एक ओर दिल्ली में अपराधी छात्रा को गोली से निशाना बना रहे थे, उसी समय संसद में गृहमंत्री यह दावा कर रहे थे देश में महिलाओं के खिलाफ अपराध में कमी आई है। मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने संसद में दिए एक बयान में कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध में कमी आई है। वहीं, सीपीएम की नेता वृंदा करात ने राज्यसभा में महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा जोरशोर से उठाया। उन्होंने कहा कि आज देश में महिलाएं खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रही हैं।
इस घटना के कुछ ही देर बाद, दोपहर में विवेक विहार में अपराधियों ने 83 साल की अन्ना नमन की हत्या कर दी। अन्ना राजेश और नुपुर तलवार की वकील (आरुषि हत्याकांड में) रेबिका जॉन की मां थीं।
हर18 घंटे में महिला के साथ रेप की गवाह बनती है दिल्ली दिल्ली सिर्फ देश की प्रशासनिक राजधानी नहीं बल्कि महिलाओं के खिलाफ अपराध की भी 'राजधानी' बन गई है। हालत यह है कि देश में हो रहा रेप का हर चौथा मामला दिल्ली में होता है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के मुताबिक 2010 में 489 रेप के मामले दर्ज किए गए, जबकि 2009 में 459 ऐसे केस पुलिस के सामने आए। महिलाओं का अपहरण और छेड़छाड़ भी दिल्ली में आम हो गया है।
2010 में देश भर में 3544 महिलाएं अगवा की गईं। इसमें 1379 महिलाएं राजधानी दिल्ली की हैं। दिल्ली पुलिस के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक राजधानी में हर 18 घंटे में महिलाओं के साथ बलात्कार और हर 14 घंटे में छेड़छाड़ की घटना होती है। देश में महिलाओं पर अपराध के मामले बढ़े हैं, दिल्ली देश के उन ३५ शहरों में पहले नंबर पर है, जहां महिलाएं सबसे अधिक असुरक्षित है। हालांकि जिस तरह से उत्तर प्रदेश, बिहार और हरियाणा में अपराध के मामले सामने आ रहे है उससे इस बात से अब कोई अंतर नहीं दिखता की आप किस शहर या मोहल्ले में है। स्त्री की आधी दुनिया न तो घर में सुरक्षित है, न व्यस्तम भीड़ भाड़ वाली सड़क पर, न ही हॉस्टल में। और तो और ट्रेन में अकेले यात्रा करना भी लड़कियों के लिए सुरक्षित नहीं रह गई है। पिछले दिनों अपराध के कुछ ऐसे मामले सामने आए है जो यह बताते है कि अब इस बात से भी कुछ ज्यादा फर्क नहीं पड़ता कि उम्र क्या है? चाहे ढाई साल की बच्ची हो या कॉलेज छात्रा या फिर घरों में महिलाएं सभी अपराध की शिकार हो रही है।
राजधानी में इन दिनों ब्लेडमैन के आतंक से लड़कियां डरी हुई हैं। पिछले कुछ हफ्तों में कोई सिरफिरा युवक कई लड़कियों को ब्लेड मारकर घायल कर चुका है। दिल्ली महिलाओं के लिए कितनी असुरक्षित हो चुकी इस बात अंदाजा बॉलीवुड की ऐक्ट्रेस गुल पनाग के उस बयान से लगाया जा सकता है, जिसमें उन्होंने कहा था कि दिल्ली पिछले कुछ सालों में बदल गई है, लेकिन यहां के पुरुषों की एक आदत नहीं बदली है और वह है लड़कियों को छेड़ने की। गौरतलब है कि गुल पनाग जनवरी में जब दिल्ली मैराथन में भाग लेने के लिए आई थीं तो उनके साथ छेड़छाड़ की घटना हुई थी, जिसके बाद गुल पनाग ने ये टिप्पणी की थी। गृह मंत्री चिदंबरम चाहे जो कहें दिल्ली और एनएसीआर क्षेत्र में महिलाओं के खिलाफ आपराधिक मामले बढ़े हैं।
महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले2008 : 195,856
2009 : 203,804
'देश भर में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ यौन उत्पीड़न के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।'राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष गिरिजा व्यास
'दिल्ली पिछले कुछ सालों में बदल गई है, लेकिन यहां के पुरुषों की एक आदत नहीं बदली है और वह है लड़कियों को छेड़ने की।'
गुल पनाग, बॉलीवुड ऐक्टर
http://www.bhaskar.com/article/DEL-du-student-killed-in-broad-day-light-in-delhi-1916754.html?HT4=
सरे आम महिला कैदियों के उतारे कपड़े, की मारपीट
इधर चिदंबरम बोले-महिलाओं के खिलाफ अपराध घटे,...
मदुरै. महिला दिवस के मौके पर एक ओर जहां देशभर में महिलाओं के सशक्तिकरण से जुड़े कई दावे किए जा रहे हैं वहीं आधी आबादी का ‘सच’ इस रूप में सामने आया है। तमिलनाडु की जेलों में बंद महिला कैदियों ने उत्पीड़न और अमानवीय व्यवहार किए जाने की शिकायत की है। इन महिलाओं का कहना है कि उन्हें नंगा घुमाया गया, गालियां दी गईं, मारा-पीटा गया और यहां तक कि उन्हें मूलभूत सुविधाओं से भी वंचित रखा गया।
ऐसी ही तीन महिलाओं ने कैद से बाहर आने के बाद अपनी दास्तान बयां की है। सोसायटी फॉर इंटीग्रेटेड रूरल डेवलपमेंट की ओर से आयोजित कार्यक्रम के दौरान मीडिया से रू-ब-रू हुईं इन महिलाओं ने अपना दर्द सुनाया।
इन महिलाओं में एक परमेश्वरी(25) ने बताया कि उसे उसके चाचा कविरासु के साथ 16 फरवरी 2010 को रामनाथपुरम के कडालाडी से गिरफ्तार किया था। कुछ दिनों के बाद पुलिस ने उनके चाचा को मुठभेड़ में मार दिया और उस पर चोरी का झूठा केस बना कर जेल में डाल दिया। पुलिस को डर था कि परमेश्वरी अगर बाहर रहेगी तो उसके चाचा के झूठे एनकाउंटर का पर्दाफाश हो जाएगा।
मदुरै के अन्नैयुर गांव की परमेश्वरी ने बताया कि पुलिस उन्हें तिरुची के महिला जेल लेकर गई जहां उन्हें 23 फरवरी 2010 से 7 जून तक रखा गया। परमेश्वरी ने कहा, ‘मुझे वॉर्डन ने दूसरे कैदियों के सामने नंगा कर दिया और गंदी गालियां भी दीं। वह मेरी जिंदगी का सबसे खराब अनुभव था।’
मुन्नियाम्मल (50) और एम मुथुलक्ष्मी (45) ने भी कुछ ऐसे ही आरोप लगाते हुए कहा कि उनके साथ जेल में अमानवीय व्यवहार किया गया। मुन्नियाम्मल को लूट के आरोप में निलाकोट्टी उप कारागार में बंद किया गया था जबकि मुथुलक्ष्मी अवैध शराब बनाने के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार किया गया था।
दोनों महिला कैदियों ने बताया कि जेल में उन्हें खाने को पानी जैसा दाल मिलता था और उनके हिस्से के अंडे और दूध उनके बच्चों को दिए जाते थे। एक ही अंडे को दो टुकड़ों में बांटकर उनके बच्चों को दिया जाता था। एक ही बैरक में आठ-आठ कैदियों को रखा जाता था जहां एक कोने में छोटा सा शौचालय था और वहां प्राइवेसी नहीं थी।
मदुरै. महिला दिवस के मौके पर एक ओर जहां देशभर में महिलाओं के सशक्तिकरण से जुड़े कई दावे किए जा रहे हैं वहीं आधी आबादी का ‘सच’ इस रूप में सामने आया है। तमिलनाडु की जेलों में बंद महिला कैदियों ने उत्पीड़न और अमानवीय व्यवहार किए जाने की शिकायत की है। इन महिलाओं का कहना है कि उन्हें नंगा घुमाया गया, गालियां दी गईं, मारा-पीटा गया और यहां तक कि उन्हें मूलभूत सुविधाओं से भी वंचित रखा गया।
ऐसी ही तीन महिलाओं ने कैद से बाहर आने के बाद अपनी दास्तान बयां की है। सोसायटी फॉर इंटीग्रेटेड रूरल डेवलपमेंट की ओर से आयोजित कार्यक्रम के दौरान मीडिया से रू-ब-रू हुईं इन महिलाओं ने अपना दर्द सुनाया।
इन महिलाओं में एक परमेश्वरी(25) ने बताया कि उसे उसके चाचा कविरासु के साथ 16 फरवरी 2010 को रामनाथपुरम के कडालाडी से गिरफ्तार किया था। कुछ दिनों के बाद पुलिस ने उनके चाचा को मुठभेड़ में मार दिया और उस पर चोरी का झूठा केस बना कर जेल में डाल दिया। पुलिस को डर था कि परमेश्वरी अगर बाहर रहेगी तो उसके चाचा के झूठे एनकाउंटर का पर्दाफाश हो जाएगा।
मदुरै के अन्नैयुर गांव की परमेश्वरी ने बताया कि पुलिस उन्हें तिरुची के महिला जेल लेकर गई जहां उन्हें 23 फरवरी 2010 से 7 जून तक रखा गया। परमेश्वरी ने कहा, ‘मुझे वॉर्डन ने दूसरे कैदियों के सामने नंगा कर दिया और गंदी गालियां भी दीं। वह मेरी जिंदगी का सबसे खराब अनुभव था।’
मुन्नियाम्मल (50) और एम मुथुलक्ष्मी (45) ने भी कुछ ऐसे ही आरोप लगाते हुए कहा कि उनके साथ जेल में अमानवीय व्यवहार किया गया। मुन्नियाम्मल को लूट के आरोप में निलाकोट्टी उप कारागार में बंद किया गया था जबकि मुथुलक्ष्मी अवैध शराब बनाने के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार किया गया था।
दोनों महिला कैदियों ने बताया कि जेल में उन्हें खाने को पानी जैसा दाल मिलता था और उनके हिस्से के अंडे और दूध उनके बच्चों को दिए जाते थे। एक ही अंडे को दो टुकड़ों में बांटकर उनके बच्चों को दिया जाता था। एक ही बैरक में आठ-आठ कैदियों को रखा जाता था जहां एक कोने में छोटा सा शौचालय था और वहां प्राइवेसी नहीं थी।
खाप पंचायतों के जुल्मों से उपजी ‘काला पानी’
फरीदाबाद. दूसरी जाति के लड़के से प्रेम करने वाली नौकरानी के माथे पर कुल्टा लिखा देखकर द्रवित हुआ मन। यहीं से लिया इन कुप्रथाओं के खिलाफ आवाज उठाने का प्रण। हिसार की बेटी, फरीदाबाद की बहू और बॉलीवुड के सबसे बड़े दादा साहब फाल्के अवार्ड से नवाजी गई मुंबई की सफल निर्देशक प्रीति अनेजा बनी महिलाओं के लिए आइडल।
अपनी एक महिला नौकरानी पर जब प्रीति अनेजा ने खाप पंचायतों का जुल्मो सितम देखा तो उनका संवेदनशील मन कुछ करने को उद्वेलित हो गया। यह बात करीब 25 साल पहले हरियाणा के एक छोटे से शहर हिसार की है। हरियाणा में होने वाले महिला उत्पीड़न की दास्तां दुनिया को दिखाने के लिए उन्होंने मुंबई का रुख किया।
लंबे संघर्ष और कड़ी मेहनत के बल पर उन्होंने खाप पंचायतों के जुल्मों को दर्शाती काला पानी नामक लघु फिल्म बनाई। यही नहीं अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में प्रदर्शित 106 फिल्मों में इसे सर्वेश्रष्ठ फिल्म का अवार्ड भी मिला। फिल्म की निर्माता-निर्देशक फरीदाबाद की बहू प्रीति को अभी हाल ही में बॉलीवुड का प्रतिष्ठित दादा साहब फाल्के पुरस्कार मिला है।
फरीदाबाद के सेक्टर-14 निवासी बिजनेसमैन अमृत अनेजा के साथ ब्याही प्रीति पर महिला जगत को नाज है। उनके संवेदनशील स्वभाव ने जो बात अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाई है उम्मीद है कि, सरकारें उससे कुछ सीखेंगी और तथाकथित प्रगतिशील इस राज्य में महिलाओं पर उत्पीड़न रोकने के लिए कुछ करेंगी।
अनेजा बताती हैं कि जब वह हिसार में सातवीं क्लास मंे पढ़ती थीं तो उनके घर एक नौकरानी सरला आती थी। जो अपने माथे को हमेशा ढंक कर रखती थी। जिज्ञासावश उन्होंने मां से जिद की, उनकी मां ने नौकरानी का माथा दिखाया तो वह सन्न रह गईं। उसके माथे पर कुल्टा लिखा था। अनेजा ने बताया कि उनकी नौकरानी को यह सजा पंचायत ने दी थी, क्योंकि वह किसी गैर जाति के लड़के से प्यार करती थी। इसीलिए उसे पंचायतों ने गांव निकाला देकर माथे पर हमेशा के लिए कलंक गुदवा दिया था।
कैसे शुरू हुआ संघर्ष का सफर लगभग 21 वर्षीय अनेजा की ग्रेजुएशन करते हुए ही १९९६ में फरीदाबाद में शादी हो गई। उनके पास इस दौरान मॉडलिंग एक्टिंग के कई ऑफर आए थे, लेकिन नौकरानी पर हुए जुल्म की दास्तां दिखाने के लिए उनकी दिलचस्पी निर्देशन में हो गई थी। 2003 में अनेजा मुंबई गई। उस समय उनका दो माह का बेटा था। जब बच्च तीन वर्ष का हुआ तो उन्होंने सुभाष घई के विस्टलिंग वुड्स इंटरनेशनल इंस्टिट्यूट से निर्देशन का कोर्स शुरू किया।
दिन रात के असाइनमेंट कंपलीट करने के दौरान उन्हें अपने घर वालों से बात करने का समय नहीं मिलता था। जब बच्चे के मासूम चेहरे को देखती थीं तो कई बार हिम्मत टूट गई कि अब वे इस लाइन को छोड़ देंगी, लेकिन पति अमृत और ससुर के सपोर्ट ने आगे बढ़ने का हौसला दिया। पर अब भी नौकरानी की वो छवि दिमाग से नहीं गई थी। प्रीती ने इसी को आधार बनाते हुए खाप पंचायतों के खिलाफ काला पानी नामक लघु फिल्म बना डाली।
25 मिनट की इस फिल्म को 23 जनवरी 2011 को नासिक में इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में प्रदर्शित किया गया। काला पानी हाउसफुल रही और दादा साहब फाल्के पुरस्कार मिला। उनका कहना है कि हरियाणा में एक ही बात के लिए महिला को कठोर सजा दी जाती है और पुरुष को सिर्फ जुर्माना लगाकर छोड़ दिया जाता है। प्रीति कहती हैं कि समानांतर सरकार चला रही खाप पंचायतों को यहां की महिलाओं में जागरुकता लाकर ही खत्म किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि वह अपनी आने वाली लघु फिल्म बिग ब्रो की स्क्रिप्ट लिख रही हैं। इसके अलावा वे पंजाब में भी एक फीचर फिल्म पर काम कर रही हैं। जिसकी शूटिंग जल्द ही शुरू हो जाएगी। Source: अनीता भाटी | Last Updated 01:14(08/03/11) http://www.bhaskar.com/article/HAR-OTH-khape-panchayat-julmon-comes-1914851.html?HF=
अपनी एक महिला नौकरानी पर जब प्रीति अनेजा ने खाप पंचायतों का जुल्मो सितम देखा तो उनका संवेदनशील मन कुछ करने को उद्वेलित हो गया। यह बात करीब 25 साल पहले हरियाणा के एक छोटे से शहर हिसार की है। हरियाणा में होने वाले महिला उत्पीड़न की दास्तां दुनिया को दिखाने के लिए उन्होंने मुंबई का रुख किया।
लंबे संघर्ष और कड़ी मेहनत के बल पर उन्होंने खाप पंचायतों के जुल्मों को दर्शाती काला पानी नामक लघु फिल्म बनाई। यही नहीं अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में प्रदर्शित 106 फिल्मों में इसे सर्वेश्रष्ठ फिल्म का अवार्ड भी मिला। फिल्म की निर्माता-निर्देशक फरीदाबाद की बहू प्रीति को अभी हाल ही में बॉलीवुड का प्रतिष्ठित दादा साहब फाल्के पुरस्कार मिला है।
फरीदाबाद के सेक्टर-14 निवासी बिजनेसमैन अमृत अनेजा के साथ ब्याही प्रीति पर महिला जगत को नाज है। उनके संवेदनशील स्वभाव ने जो बात अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाई है उम्मीद है कि, सरकारें उससे कुछ सीखेंगी और तथाकथित प्रगतिशील इस राज्य में महिलाओं पर उत्पीड़न रोकने के लिए कुछ करेंगी।
अनेजा बताती हैं कि जब वह हिसार में सातवीं क्लास मंे पढ़ती थीं तो उनके घर एक नौकरानी सरला आती थी। जो अपने माथे को हमेशा ढंक कर रखती थी। जिज्ञासावश उन्होंने मां से जिद की, उनकी मां ने नौकरानी का माथा दिखाया तो वह सन्न रह गईं। उसके माथे पर कुल्टा लिखा था। अनेजा ने बताया कि उनकी नौकरानी को यह सजा पंचायत ने दी थी, क्योंकि वह किसी गैर जाति के लड़के से प्यार करती थी। इसीलिए उसे पंचायतों ने गांव निकाला देकर माथे पर हमेशा के लिए कलंक गुदवा दिया था।
कैसे शुरू हुआ संघर्ष का सफर लगभग 21 वर्षीय अनेजा की ग्रेजुएशन करते हुए ही १९९६ में फरीदाबाद में शादी हो गई। उनके पास इस दौरान मॉडलिंग एक्टिंग के कई ऑफर आए थे, लेकिन नौकरानी पर हुए जुल्म की दास्तां दिखाने के लिए उनकी दिलचस्पी निर्देशन में हो गई थी। 2003 में अनेजा मुंबई गई। उस समय उनका दो माह का बेटा था। जब बच्च तीन वर्ष का हुआ तो उन्होंने सुभाष घई के विस्टलिंग वुड्स इंटरनेशनल इंस्टिट्यूट से निर्देशन का कोर्स शुरू किया।
दिन रात के असाइनमेंट कंपलीट करने के दौरान उन्हें अपने घर वालों से बात करने का समय नहीं मिलता था। जब बच्चे के मासूम चेहरे को देखती थीं तो कई बार हिम्मत टूट गई कि अब वे इस लाइन को छोड़ देंगी, लेकिन पति अमृत और ससुर के सपोर्ट ने आगे बढ़ने का हौसला दिया। पर अब भी नौकरानी की वो छवि दिमाग से नहीं गई थी। प्रीती ने इसी को आधार बनाते हुए खाप पंचायतों के खिलाफ काला पानी नामक लघु फिल्म बना डाली।
25 मिनट की इस फिल्म को 23 जनवरी 2011 को नासिक में इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में प्रदर्शित किया गया। काला पानी हाउसफुल रही और दादा साहब फाल्के पुरस्कार मिला। उनका कहना है कि हरियाणा में एक ही बात के लिए महिला को कठोर सजा दी जाती है और पुरुष को सिर्फ जुर्माना लगाकर छोड़ दिया जाता है। प्रीति कहती हैं कि समानांतर सरकार चला रही खाप पंचायतों को यहां की महिलाओं में जागरुकता लाकर ही खत्म किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि वह अपनी आने वाली लघु फिल्म बिग ब्रो की स्क्रिप्ट लिख रही हैं। इसके अलावा वे पंजाब में भी एक फीचर फिल्म पर काम कर रही हैं। जिसकी शूटिंग जल्द ही शुरू हो जाएगी। Source: अनीता भाटी | Last Updated 01:14(08/03/11) http://www.bhaskar.com/article/HAR-OTH-khape-panchayat-julmon-comes-1914851.html?HF=
Monday, March 7, 2011
इस 'हंटर बाबा' की कारस्तानी सुन रूह कांप जाएगी!
सूरत। यहां एक ढ़ोगी बाबा की दिल दहलाने वाली कारस्तानी सामने आई है। यह ढ़ोगी बाबा लोगों का इलाज करने के नाम पर हंटर मारता था। खासकर के महिलाओं के शरीर पर निंबू निचोड़ता था और उनके बाल पकड़ कर झकझोरता था। महिलायें चीखती-चिल्लाती थी। जब वो बेहोश हो जाती थी, तब जाकर वह उन्हें छोड़ता था।
मिली जानकारी के मुताबिक, ठाकुर अहित नाम का यह पाखंडी शख्स लोगों के इलाज का करता था। वह लोगों से कहता था कि उसके उपर गुजरात की प्रतिष्ठित देवी खोरियाड़ मां विराजती हैं। वह उससे इलाज कराती हैं। लोग अंधविश्वास के मकड़जाल में इस कदर जकड़े हुए थे कि उस पर विश्वास करते थे। बिमारी के इलाज के नाम पर इस दरिंदे का जुल्म सहते थे। यहा पाखंड़ी शराब छुड़ाने से लेकर किडनी, लीवर और कैंसर तक की बिमारियों को ठीक करने का दावा करता था।
इस पाखंड़ी हंटर बाबा के इलाज का पोल तब खुला जब मीडिया ने इस मामले को गंभीरता से उठाया। लोगों के आंख से पट्टी हटाई और बताया कि दूसरों का ईलाज करने वाला यह ढ़ोगीं खुद एक डॉक्टर रखा हुआ है। यह उसका ईलाज करता है। डॉक्टर के मुताबिक, ईलाज के दौरान चीखने-चिल्लाने के कारण उसका एनर्जी लेवल नीचे आ जाता है, इसलिए उसे हर दिन ग्लूकोज की बोतल चढ़ानी पड़ती है।
पुलिस भी इस बाबा का कुछ नहीं बिगाड़ पाती थी। वह खुद ही इसकी तीरमदारी करने परल उतारू रहती थी। पर मीडिया के दबाव के कारण पुलिस को कार्रवाई करते हुए इस पाखंड़ी को गिरफ्तार करना ही पड़ा। अब इसका इलाज पुलिस कर रही है।
सूरत के जिलाधिकारी एजे शाह ने बताया कि, शिकायत मिलने पर इस पाखंडी के खिलाफ जांच कर कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर लिया गया है। इसमें लोगों का भी दोष है। वह खुद ही इस पाखंडियों के चक्कर में पड़ते है। और इन्हें बढ़ावा देते हैं। Source: Dainik Bhaskar.com | Last Updated 11:54(08/03/11)
मिली जानकारी के मुताबिक, ठाकुर अहित नाम का यह पाखंडी शख्स लोगों के इलाज का करता था। वह लोगों से कहता था कि उसके उपर गुजरात की प्रतिष्ठित देवी खोरियाड़ मां विराजती हैं। वह उससे इलाज कराती हैं। लोग अंधविश्वास के मकड़जाल में इस कदर जकड़े हुए थे कि उस पर विश्वास करते थे। बिमारी के इलाज के नाम पर इस दरिंदे का जुल्म सहते थे। यहा पाखंड़ी शराब छुड़ाने से लेकर किडनी, लीवर और कैंसर तक की बिमारियों को ठीक करने का दावा करता था।
इस पाखंड़ी हंटर बाबा के इलाज का पोल तब खुला जब मीडिया ने इस मामले को गंभीरता से उठाया। लोगों के आंख से पट्टी हटाई और बताया कि दूसरों का ईलाज करने वाला यह ढ़ोगीं खुद एक डॉक्टर रखा हुआ है। यह उसका ईलाज करता है। डॉक्टर के मुताबिक, ईलाज के दौरान चीखने-चिल्लाने के कारण उसका एनर्जी लेवल नीचे आ जाता है, इसलिए उसे हर दिन ग्लूकोज की बोतल चढ़ानी पड़ती है।
पुलिस भी इस बाबा का कुछ नहीं बिगाड़ पाती थी। वह खुद ही इसकी तीरमदारी करने परल उतारू रहती थी। पर मीडिया के दबाव के कारण पुलिस को कार्रवाई करते हुए इस पाखंड़ी को गिरफ्तार करना ही पड़ा। अब इसका इलाज पुलिस कर रही है।
सूरत के जिलाधिकारी एजे शाह ने बताया कि, शिकायत मिलने पर इस पाखंडी के खिलाफ जांच कर कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर लिया गया है। इसमें लोगों का भी दोष है। वह खुद ही इस पाखंडियों के चक्कर में पड़ते है। और इन्हें बढ़ावा देते हैं। Source: Dainik Bhaskar.com | Last Updated 11:54(08/03/11)
दूल्हे के इनकार के बाद चाचा की दुल्हन बन गई लड़की!
हिसार/टोहाना/कुलां. कभी-कभी जिंदगी अजीब मोड़ पर आ जाती है। पांच मार्च को बलियाला गांव में बारात के स्वागत की तैयारियां कर रहा एक परिवार उस समय असमंजस में पड़ गया जब दूल्हे ने शादी से इनकार कर दिया।
बारात जींद जिले में नरवाना तहसील के उझाना गांव से आनी थी। शाम को शादी थी और सुबह दूल्हा यह कहते हुए नट गया कि अभी वह शादी नहीं करना चाहता। लड़की वाले तुरंत उझाना पहुंचे और माजरा समझने की कोशिश की। मान-मनौवल की। लड़के वाले भी बेटे को समझाते रहे। बात बनी नहीं। यह भी सोचा गया कि अगर शादी जबरदस्ती करवा भी दी गई तो लड़की का जीवन और भी मुश्किल में पड़ जाएगा। सो समझदारी से रास्ता निकाला गया।
इसी गांव में लड़के के एक अविवाहित और हमउम्र चाचा को योग्य वर के रूप में परखा गया। चाचा तैयार हो गया। तुरंत शादी की तैयारियां की गईं। दोपहर बाद एक नए दूल्हे के साथ बारात बलियाला गांव आई और दुल्हन को लेकर उझाना पहुंची। अंत भला सो सब भला। सबकी दुआएं लेकर दूल्हा-दुल्हन ने नई जिंदगी शुरू कर दी है। शादी मुबारक! सलामत रहे जोड़ी।
Source: भास्कर न्यूज| Last Updated 11:42(08/03/11) /bhaskar.com
बारात जींद जिले में नरवाना तहसील के उझाना गांव से आनी थी। शाम को शादी थी और सुबह दूल्हा यह कहते हुए नट गया कि अभी वह शादी नहीं करना चाहता। लड़की वाले तुरंत उझाना पहुंचे और माजरा समझने की कोशिश की। मान-मनौवल की। लड़के वाले भी बेटे को समझाते रहे। बात बनी नहीं। यह भी सोचा गया कि अगर शादी जबरदस्ती करवा भी दी गई तो लड़की का जीवन और भी मुश्किल में पड़ जाएगा। सो समझदारी से रास्ता निकाला गया।
इसी गांव में लड़के के एक अविवाहित और हमउम्र चाचा को योग्य वर के रूप में परखा गया। चाचा तैयार हो गया। तुरंत शादी की तैयारियां की गईं। दोपहर बाद एक नए दूल्हे के साथ बारात बलियाला गांव आई और दुल्हन को लेकर उझाना पहुंची। अंत भला सो सब भला। सबकी दुआएं लेकर दूल्हा-दुल्हन ने नई जिंदगी शुरू कर दी है। शादी मुबारक! सलामत रहे जोड़ी।
Source: भास्कर न्यूज| Last Updated 11:42(08/03/11) /bhaskar.com
ऐसा धोखा:विवाह मंडप में ही मां बन गई दुल्हन
रांची।चतरा झारखण्ड के चतरा जिला मुख्यालय से लगभग 18 किलोमीटर दूर सिमरिया प्रखंड के बेलगडा मुर्गी टोला गांव में कल एक शादी के दौरान कुछ ऐसा हुआ जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी। मंडप पर दूल्हा और दुल्हन बैठे हुए थे।
शादी की रस्म अदायगी चल ही रही थी कि इसी बीच दुल्हन के पेट में दर्द उठ गया। उसकी तबियत बिगड़ने लगी। आसपास सजी धजी औरतों ने दुल्हन को घेर लिया। लेकिन जो बात पता चली उससे सबके होश उड़ गए।
दुल्हन गर्भवती निकली। यह बात जंगल में लगी आग की तरह फ़ैल गयी। बस इतना सुनना था कि दूल्हा पक्ष आगबबूला हो उठा। काटो तो खून नहीं वाली कहावत। लड़के ने शादी करने से इनकार कर दिया। एक पल में विवाह की रौनक भंग हो गयी।
हालांकि, दुल्हन को फ़ौरन नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। वहां उसने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। बाद में लड़के को काफी मनाने की कोशिश की गयी कि लड़की को वह अपना ले। लेकिन वह नहीं माना। कहा मेरे साथ धोखा हुआ है। वह भला दूसरे का बच्चा क्यों अपनाये। इसके बाद लड़का पक्ष वहां से चला गया। यह शादी इलाके में चर्चा का विषय बन गयी है। सबकी जुबान पर फिलहाल इसी शादी के किस्से हैं। Source: अनिमेष नचिकेता.bhaskar.com| Last Updated 12:52(08/03/11)
शादी की रस्म अदायगी चल ही रही थी कि इसी बीच दुल्हन के पेट में दर्द उठ गया। उसकी तबियत बिगड़ने लगी। आसपास सजी धजी औरतों ने दुल्हन को घेर लिया। लेकिन जो बात पता चली उससे सबके होश उड़ गए।
दुल्हन गर्भवती निकली। यह बात जंगल में लगी आग की तरह फ़ैल गयी। बस इतना सुनना था कि दूल्हा पक्ष आगबबूला हो उठा। काटो तो खून नहीं वाली कहावत। लड़के ने शादी करने से इनकार कर दिया। एक पल में विवाह की रौनक भंग हो गयी।
हालांकि, दुल्हन को फ़ौरन नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। वहां उसने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। बाद में लड़के को काफी मनाने की कोशिश की गयी कि लड़की को वह अपना ले। लेकिन वह नहीं माना। कहा मेरे साथ धोखा हुआ है। वह भला दूसरे का बच्चा क्यों अपनाये। इसके बाद लड़का पक्ष वहां से चला गया। यह शादी इलाके में चर्चा का विषय बन गयी है। सबकी जुबान पर फिलहाल इसी शादी के किस्से हैं। Source: अनिमेष नचिकेता.bhaskar.com| Last Updated 12:52(08/03/11)
Saturday, March 5, 2011
टीचर ने प्यार में फंसाया छात्रा, अश्लील MMS बनाया, दोस्तों में बांटा
मेरठ। यहां के मंगलपांडे नगर में गुरू-शिष्य परंपरा को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। यहां डांस सीखाने वाले एक टीचर ने डांस सीखने वाली लड़की का अश्लील एमएमएस बना लिया। इसके उसने दोस्तों में इस एमएसएस को बांट दिया। पुलिस को इस बाबत जब जानकारी मिली तो आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया गया।
मिली जानकारी के मुताबिक, मंगलपांडे नगर में रहने वाली एक लड़की इसके वहां डांस सीखने के लिए जाती थी। इस टीचर ने लड़की को पहले अपने प्यार के मायाजाल में फंसाया फिर उसे घुमाने के बहाने हरिद्वार ले गया। वहां इन दोनों में शारीरिक संबंध बना। इसी दौरान टीचर धोखे में लड़की का अश्लील एमएमएएस बना डाला। उसने इसकी क्लिपिंग अपने यार-दोस्तों में बांट दी।
इस घटना के बारे में जब लड़की के घर वालों को पता चला तो इसकी शिकायत थाने में की। पुलिस ने मामला दर्ज कर टीचर को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से मोबाइल से अश्लील एमएमएस को बरामद कर लिया गया है। इस तरह की घटना ने गुरू-शिष्य परंपरा को दागदार कर दिया है। news from www.bhaskar.com
मिली जानकारी के मुताबिक, मंगलपांडे नगर में रहने वाली एक लड़की इसके वहां डांस सीखने के लिए जाती थी। इस टीचर ने लड़की को पहले अपने प्यार के मायाजाल में फंसाया फिर उसे घुमाने के बहाने हरिद्वार ले गया। वहां इन दोनों में शारीरिक संबंध बना। इसी दौरान टीचर धोखे में लड़की का अश्लील एमएमएएस बना डाला। उसने इसकी क्लिपिंग अपने यार-दोस्तों में बांट दी।
इस घटना के बारे में जब लड़की के घर वालों को पता चला तो इसकी शिकायत थाने में की। पुलिस ने मामला दर्ज कर टीचर को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से मोबाइल से अश्लील एमएमएस को बरामद कर लिया गया है। इस तरह की घटना ने गुरू-शिष्य परंपरा को दागदार कर दिया है। news from www.bhaskar.com
Friday, March 4, 2011
अश्लील हरकतों पर प्रिंसिपल की पिटाई
लखनऊ। हमीरपुर के चंद्र पुरवा सुमेरपुर में हायर सेकेंडरी स्कूल के प्रिंसिपल को छात्राओं से अश्लील बातें करना काफी महंगा पड़ा। छात्राओं के परिजनों ने प्रिंसिपल की न केवल जमकर धुनाई की, बल्कि उसके मुंह में कालिख पोतकर पूरे गांव में घुमाया। स्कूल की ज्यादातर छात्राओं ने प्रिंसिपल पर अश्लील हरकतें करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामला दर्जकर आरोपी को हिरासत में ले लिया है।
राज्य पुलिस मुख्यालय के प्रवक्ता के अनुसार मामला उस समय भड़क गया जब हमीरपुर स्थित सुमेरपुर में हायर सेकेंडरी स्कूल के प्रिंसिपल ने एक छात्रा को अपने कमरे में बुलाया और उसका हाथ देखने के बहाने उससे छेड़खानी करने लगा।
प्रिंसिपल की हरकत से गुस्साई छात्रा ने स्कूल के अन्य छात्राओं को इसकी जानकारी दी। पहले से ही प्रिंसिपल की हरकतों से तंग छात्रों ने मामले की जानकारी अपनी क्लास टीचर को देने के अलावा अपने-अपने परिजनों को भी दी, जिन्होंने स्कूल पहुंचकर प्रिंसिपल की सार्वजनिक रूप से पिटाई कर दी। -from 4 Mar 2011, 2100 hrs,नवभारत टाइम्स
राज्य पुलिस मुख्यालय के प्रवक्ता के अनुसार मामला उस समय भड़क गया जब हमीरपुर स्थित सुमेरपुर में हायर सेकेंडरी स्कूल के प्रिंसिपल ने एक छात्रा को अपने कमरे में बुलाया और उसका हाथ देखने के बहाने उससे छेड़खानी करने लगा।
प्रिंसिपल की हरकत से गुस्साई छात्रा ने स्कूल के अन्य छात्राओं को इसकी जानकारी दी। पहले से ही प्रिंसिपल की हरकतों से तंग छात्रों ने मामले की जानकारी अपनी क्लास टीचर को देने के अलावा अपने-अपने परिजनों को भी दी, जिन्होंने स्कूल पहुंचकर प्रिंसिपल की सार्वजनिक रूप से पिटाई कर दी। -from 4 Mar 2011, 2100 hrs,नवभारत टाइम्स
लव, सेक्स और धोखाः दोस्तों ने दिया उम्र भर का दर्द
पानीपत. लव, सेक्स और धोखा। इस फिल्म का थीम निर्देशक ने कहां से लिया। यह तो वही जानें। लेकिन इस फिल्म में दिखाया गया काल्पनिक एमएमएस कांड हमारे हरियाणा में हर हफ्ते हकीकत में सामने आ रहा है।
दिल्ली के एक स्कूल में सात साल पहले जब एमएमएस कांड का खुलासा हुआ था तो पूरे देश में जबरदस्त हंगामा हुआ था। लेकिन आज स्थिति यह है कि इतने एमएमएस कांड हो रहे हैं कि अब लोग इसे लोकल की रूटीन खबर की तरह ट्रीट करने लगे हैं।
भले ही इस तरह के एमएमएस से किसी युवती की जिंदगी बरबाद हो जाती हो और वह आत्महत्या तक करने को मजबूर हो जाती हो, लेकिन इस पर अंकुश लगाने के लिए हमारे यहां प्रभावी कानून का अभाव है। साइबर एक्ट की बात करें तो इसमें अभियुक्त को आसानी से जमानत मिल जाती है।
लव नहीं धोखा
एमएमएस (मल्टीमीडिया मैसेजिंग सर्विस) कांड के ज्यादातर केस लव स्टोरी के ही सामने आते हैं। सो, जाहिर है लड़की को विश्वास में लेकर या फिर बहलाकर उसके साथ अंतरंग संबंध बना लिए जाते हैं। वहीं कुछ केसों में युवक कैमरा छिपा देते हैं और अपने साथियों की मदद से इस तरह अपने मंसूबों को अंजाम देते हैं। यमुनानगर व अन्य जिलों में इसी तरह एमएमएस बनाए गए थे।
दोस्तों ने दिया उम्र भर का दर्द
यमुनानगर- नंदा कालोनी में एक युवक ने 12वीं कक्षा की छात्र को पहले तो प्रेम जाल में फंसाया। इसके बाद उसने अपने एक मित्र के साथ मिलकर उसका एमएमएस बना दिया। इतना ही नहीं, युवक ने छात्र व उसके परिवार को बदनाम करने की धमकी देते हुए छात्रा के पिता से पांच लाख रुपए तक मांग लिए। यमुनानगर में ही कुछ दिन पहले इसी तरह युवती का एमएमएस बनाया गया था।
रेवाड़ी- कॉलेज की एक छात्रा को फंसाया और उसका एमएमएस बनाकर सभी को प्रेषित कर दिया। हालांकि पुलिस ने कार्रवाई की और युवक को गिरफ्तार कर लिया। मगर अगले ही दिन उसे जमानत मिल गई। युवती और उसके परिजनों का घर से बाहर निकलना तक मुश्किल हो गया है। वहीं आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। आरोपियों में कुछ युवक बड़े परिवारों से ताल्लुक रखते हैं।
अम्बाला- एक युवती के मित्र ने अपने दो साथियों के साथ गैंगरेप किया और इसके बाद उसकी अश्लील फिल्म बना ली और बदनाम करने की धमकी देते हुए लगातार शोषण किया। लड़की के परिजनों की हिम्मत की वजह से यह मामला सामने आ गया, लेकिन अनेक मामले बदनामी के डर से सामने नहीं आते।
क्या है कानूनसाइबर एक्ट 67, 67 ए व 67 बी के तहत यदि कोई इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों की मदद से ऐसी सामग्री का प्रकाशन या प्रसारण करता है, जो अश्लील हो तो पहली बार किए ऐसे अपराध की हालत में उसे अधिकतम पांच साल तक के कारावास एवं/अथवा एक लाख तक के जुर्माने की सजा हो सकती है। अपराध दोबारा प्रमाणित हो जाए तो आरोपी को अधिकतम दस साल तक का कारावास एवं दो लाख तक का दंड हो सकता है।
from/ http://www.bhaskar.com/article/HAR-OTH-love-sex-and-betrayal-1905389.html?HF=
दिल्ली के एक स्कूल में सात साल पहले जब एमएमएस कांड का खुलासा हुआ था तो पूरे देश में जबरदस्त हंगामा हुआ था। लेकिन आज स्थिति यह है कि इतने एमएमएस कांड हो रहे हैं कि अब लोग इसे लोकल की रूटीन खबर की तरह ट्रीट करने लगे हैं।
भले ही इस तरह के एमएमएस से किसी युवती की जिंदगी बरबाद हो जाती हो और वह आत्महत्या तक करने को मजबूर हो जाती हो, लेकिन इस पर अंकुश लगाने के लिए हमारे यहां प्रभावी कानून का अभाव है। साइबर एक्ट की बात करें तो इसमें अभियुक्त को आसानी से जमानत मिल जाती है।
लव नहीं धोखा
एमएमएस (मल्टीमीडिया मैसेजिंग सर्विस) कांड के ज्यादातर केस लव स्टोरी के ही सामने आते हैं। सो, जाहिर है लड़की को विश्वास में लेकर या फिर बहलाकर उसके साथ अंतरंग संबंध बना लिए जाते हैं। वहीं कुछ केसों में युवक कैमरा छिपा देते हैं और अपने साथियों की मदद से इस तरह अपने मंसूबों को अंजाम देते हैं। यमुनानगर व अन्य जिलों में इसी तरह एमएमएस बनाए गए थे।
दोस्तों ने दिया उम्र भर का दर्द
यमुनानगर- नंदा कालोनी में एक युवक ने 12वीं कक्षा की छात्र को पहले तो प्रेम जाल में फंसाया। इसके बाद उसने अपने एक मित्र के साथ मिलकर उसका एमएमएस बना दिया। इतना ही नहीं, युवक ने छात्र व उसके परिवार को बदनाम करने की धमकी देते हुए छात्रा के पिता से पांच लाख रुपए तक मांग लिए। यमुनानगर में ही कुछ दिन पहले इसी तरह युवती का एमएमएस बनाया गया था।
रेवाड़ी- कॉलेज की एक छात्रा को फंसाया और उसका एमएमएस बनाकर सभी को प्रेषित कर दिया। हालांकि पुलिस ने कार्रवाई की और युवक को गिरफ्तार कर लिया। मगर अगले ही दिन उसे जमानत मिल गई। युवती और उसके परिजनों का घर से बाहर निकलना तक मुश्किल हो गया है। वहीं आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। आरोपियों में कुछ युवक बड़े परिवारों से ताल्लुक रखते हैं।
अम्बाला- एक युवती के मित्र ने अपने दो साथियों के साथ गैंगरेप किया और इसके बाद उसकी अश्लील फिल्म बना ली और बदनाम करने की धमकी देते हुए लगातार शोषण किया। लड़की के परिजनों की हिम्मत की वजह से यह मामला सामने आ गया, लेकिन अनेक मामले बदनामी के डर से सामने नहीं आते।
क्या है कानूनसाइबर एक्ट 67, 67 ए व 67 बी के तहत यदि कोई इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों की मदद से ऐसी सामग्री का प्रकाशन या प्रसारण करता है, जो अश्लील हो तो पहली बार किए ऐसे अपराध की हालत में उसे अधिकतम पांच साल तक के कारावास एवं/अथवा एक लाख तक के जुर्माने की सजा हो सकती है। अपराध दोबारा प्रमाणित हो जाए तो आरोपी को अधिकतम दस साल तक का कारावास एवं दो लाख तक का दंड हो सकता है।
जरूरी है नैतिक शिक्षा
युवक-युवाओं को नैतिक शिक्षा दी जानी जरूरी है। साथ ही माता-पिता को किशोरवय संतानों पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। उन्हें बच्चों के लिए समय देना चाहिए। दरअसल, परिवार में मां-बाप के स्नेह से वंचित संतान खास तौर से लड़किया साथी में प्यार की तलाश करती है, और कई बार गलत युवक को दोस्त बना बैठती हैं। जो प्रेम का हवाला देकर शारीरिक संबंध बनाता है और फिर ब्लैकमेल करने लगता है।- रजत सेतिया, मनोचिकित्सक
from/ http://www.bhaskar.com/article/HAR-OTH-love-sex-and-betrayal-1905389.html?HF=
डांस टीचर ने स्टूडेंट का अश्लील एमएमएस बनाया
मेरठ।। मेरठ के एक डांस टीचर ने एक लड़की का अश्लील एमएमएस बना अपने दोस्तों को पास कर दिया। यह घटना वहां के मंगलपांडे नगर की एक लड़की के साथ हुई। पुलिस ने टीचर को हिरासत में ले लिया है। इंटर में पढ़ने वाली एक स्टूडेंट एक टीचर के यहां डांस सीखने के लिए जाती थी। इसी दौरान टीचर ने इस लड़की को अपने चंगुल में फंसा लिया। कुछ दिन पहले टीचर इस लड़की को घुमाने के लिए हरिद्वार ले गया और वहां उसका अश्लील एमएमएएस तैयार कर लिया। वहां से आने के बाद उसने यह क्लिपिंग अपने दोस्तों को पास कर दी।
लड़की के परिवारजनों को इसका पता लगते ही उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस से की। पुलिस ने कल इस टीचर को दबोच लिया और उसके मोबाइल से अश्लील किल्पिंग मिलने पर उसे मेडिकल थाना पुलिस को सौंप दिया है। (from4 Mar 2011, 1019 hrs IST,सांध्य टाइम्स )
लड़की के परिवारजनों को इसका पता लगते ही उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस से की। पुलिस ने कल इस टीचर को दबोच लिया और उसके मोबाइल से अश्लील किल्पिंग मिलने पर उसे मेडिकल थाना पुलिस को सौंप दिया है। (from4 Mar 2011, 1019 hrs IST,सांध्य टाइम्स )
Thursday, March 3, 2011
एग्ज़ाम पास कराने के बदले में इज्जत का सौदा
जबलपुर।। जबलपुर के सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में परीक्षा पास कराने की एवज में छात्राओं के साथ कथित तौर पर इज्जत का सौदा किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। इस मामले में रानी दुर्गावती यूनिवर्सिटी के दो सीनियर अफसरों सहित अब तक 3 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
आरोप है कि मेडिकल कॉलेज में परीक्षा में पास कराने के एवज में छात्राओं पर अनैतिक कार्य के लिए दबाव डाला जाता था। यह आरोप एमबीबीएस की एक छात्रा ने लगाया है। उसका आरोप है कि परीक्षा में पास कराने के लिए उससे पैसों की मांग की गई थी और कलर्क राजू खान के पास जाने को कहा गया था।
इस मामले के उजागर होने के बाद पुलिस ने राजू को गिरफ्तार कर लिया। उससे पूछताछ के बाद पुलिस ने रानी दुर्गावती यूनिवर्सिटी के दो अधिकारियों, उप सचिव परीक्षा रवीन्द्र काकोडिया और परीक्षा नियंत्रक एस. एस. राणा को भी गिरफ्तार कर लिया। इतना ही नहीं रिकॉर्ड जब्त किए जाने की कार्रवाई भी की गई है और कई कर्मचारियों को नोटिस जारी किए गए हैं।
एएसपी सत्येंद्र शुक्ला ने बुधवार को बताया कि छात्रा ने अपनी शिकायत में कहा है कि उससे 30 हजार रुपए मांगे गए थे और राजू से मिलने को कहा गया था। पुलिस मध्यस्थ की भूमिका निभाने वाली एक छात्रा की तलाश कर रही है।
सूत्रों का दावा है कि राजू के कई प्रभावशाली लोगों से सम्बंध हैं और वह उन्हीं लोगों के इशारे पर यह कार्य करता था। उधर, पुलिस इसे सिर्फ पैसे लेकर पास कराने का मामला बता रही है, जबकि छात्राओं ने तीन सदस्यीय महिला समिति के सामने आप बीती सुनाई है। from http://navbharattimes.indiatimes.com/articleshow/7610208.cms
आरोप है कि मेडिकल कॉलेज में परीक्षा में पास कराने के एवज में छात्राओं पर अनैतिक कार्य के लिए दबाव डाला जाता था। यह आरोप एमबीबीएस की एक छात्रा ने लगाया है। उसका आरोप है कि परीक्षा में पास कराने के लिए उससे पैसों की मांग की गई थी और कलर्क राजू खान के पास जाने को कहा गया था।
इस मामले के उजागर होने के बाद पुलिस ने राजू को गिरफ्तार कर लिया। उससे पूछताछ के बाद पुलिस ने रानी दुर्गावती यूनिवर्सिटी के दो अधिकारियों, उप सचिव परीक्षा रवीन्द्र काकोडिया और परीक्षा नियंत्रक एस. एस. राणा को भी गिरफ्तार कर लिया। इतना ही नहीं रिकॉर्ड जब्त किए जाने की कार्रवाई भी की गई है और कई कर्मचारियों को नोटिस जारी किए गए हैं। एएसपी सत्येंद्र शुक्ला ने बुधवार को बताया कि छात्रा ने अपनी शिकायत में कहा है कि उससे 30 हजार रुपए मांगे गए थे और राजू से मिलने को कहा गया था। पुलिस मध्यस्थ की भूमिका निभाने वाली एक छात्रा की तलाश कर रही है।
सूत्रों का दावा है कि राजू के कई प्रभावशाली लोगों से सम्बंध हैं और वह उन्हीं लोगों के इशारे पर यह कार्य करता था। उधर, पुलिस इसे सिर्फ पैसे लेकर पास कराने का मामला बता रही है, जबकि छात्राओं ने तीन सदस्यीय महिला समिति के सामने आप बीती सुनाई है। from http://navbharattimes.indiatimes.com/articleshow/7610208.cms
3 साल के मासूम को सिगरेट से जलाती थीं
मुंबई।। ठाणे में पुलिस ने बुधवार को दो महिलाओं को अपने तीन साल के भतीजे पर अत्याचार करने के मामले में गिरफ्तार किया है। 3 साल के बच्चे फजल शेख की दोनों बुआएं नफीसा शेख और महजबींन पिछले 8 महीने से उसे सिगरेट से जला कर उस पर अत्याचार कर रही थीं।
बच्चे के माता-पिता का तलाक हो गया है। फजल को सिओन अस्पलात में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। उसके पैर में भी फैक्चर है।
पुलिस के अनुसार, दोनों महिलाओं पर बच्चे की मौसी सुरैया शेख की शिकायत पर आईपीसी की धाराओं सहित बाल न्याय अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
मुंब्रा पुलिस थाने की इंस्पेक्टर बी. रेणुका ने कहा- नफीसा और महजबींन को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की जांच जारी है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि पुलिस अभी बच्चे के शरीर के घावों की प्रकृति जानने के लिए रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
पुलिस का कहना है कि अपराध की मंशा का पता नहीं चला है। उन्हें शक है कि यह फजल के दादा की ओर से उसे मिली 15 लाख रुपये की संपति के कारण हो सकता है। -
from http://navbharattimes.indiatimes.com/articleshow/7618330.cms
बच्चे के माता-पिता का तलाक हो गया है। फजल को सिओन अस्पलात में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। उसके पैर में भी फैक्चर है।
पुलिस के अनुसार, दोनों महिलाओं पर बच्चे की मौसी सुरैया शेख की शिकायत पर आईपीसी की धाराओं सहित बाल न्याय अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
मुंब्रा पुलिस थाने की इंस्पेक्टर बी. रेणुका ने कहा- नफीसा और महजबींन को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की जांच जारी है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि पुलिस अभी बच्चे के शरीर के घावों की प्रकृति जानने के लिए रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
पुलिस का कहना है कि अपराध की मंशा का पता नहीं चला है। उन्हें शक है कि यह फजल के दादा की ओर से उसे मिली 15 लाख रुपये की संपति के कारण हो सकता है। -
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बिटिया को कब मिलेगी हिंसा से मुक्ति
संजय स्वदेश
दिल्ली विश्वविद्यालय में हमारे प्राध्यापक प्रो. नित्यानंद तिवारी ने एक बार मध्यकाल में नारी की दशा एक प्रसंग सुनाया था। वर्षों बाद एक भाई बहन के ससुराल जाता है। ससुराल में पीड़ित बहन की व्यथा जब वह अपने घर माता-पिता को सुनाता है। कहता है कि सुसराल वालों की मार से बहन का पीठ धोबी के पाट की तरह हो गया है। गुरुजी के प्रसंग को सुनाते हुए सिसक पढ़े। कक्षा में भी संवेदनशीलता छा गई। वर्षों बीत गई। बात आई-गई हो गई। लेकिन आए दिन महिला उत्पीड़न की खबरे बार-बार जेहन में उस प्रसंग का उभार देता है। मन व्यस्थित हो उठता है। ऐसा लगता है कि इक्सवी सदी में भी मध्ययुगीन दास्तां चारो ओर हैं।
मार्च में देश भर में आयोजित होन वाले महिला दिवस के कार्यक्रम नारी सशक्तिकरण के मजबूत पक्ष का उभारते हैं। इस बार मार्च शुरू होते ही तीन ऐसे समाचार पढ़ने को मिले, जिन्होंने मन को रुला दिया। पहली खबर फेसबुक पर एक मित्र के वॉल से मिली कि बिहार में एक बाप ने स्नातक में अध्ययनरत बेटी का चेहरा सिगरेट से इसलिए दागा क्योंकि वह कॉलेज के पिकनिक ट्रिप पर जाने वाली थी।
दूसरी खबर चंडीगढ़ से थी। यहां एक महिला को उसके पति ने दो वर्षीय बेटे के के साथ घर से बाहर निकाल दिया। महिला बेटे के साथ घर में अंदर घुसने की गुहार लगती रही। पुलिस ने भी हस्तक्षेप किया। लेकिन महिला को तत्तकाल घर में प्रवेश नहीं मिला। उसे नारी निकेतन भेजना पड़ा।
तीसरी खबर छत्तीसगढ़ से आई कि एक भाई ने 18 वर्षीय बहन इतना पीटा कि उसने अस्पताल में दम तोड़ दिया। कारण सिर्फ इतना था कि बहन ने भाई को नहाने में देरी होने की बात पर झल्लाने पर जवाब दे दिया था।
अजीत ट्रेजड़ी है। जितनी तेजी से महिलाओं का एक वर्ग सफलता के शिखर को चूमते जा रहा है, वहीं दूसरा वर्ग आज भी घर परिवार में मध्ययुगीन सामंती, समाजिक व्यवस्था की तरह अत्याचार से ग्रस्त है।
विषम परिस्थितियों में सफलता का तानाबाना बुनने वाली महिलाओं ने कई बार अग्नि परीक्षा की तरह यह सिद्ध किया है कि वे अनेक मामलों में पुरुषों से आगे हैं। यदि घर परिवार से सकारात्मक सहयोग मिलता तो निसंदेह उनकी सफलता की शिखर और ऊंची होती है। नारी उत्पीड़न की कहानी केवल छत्तीसगढ़ और चंडीगढ़ बिहार तक नहीं समिति है। देश के हर राज्य कमोबेश कहानी ऐसे ही है। नारी उत्पीड़न की दु:खद पहलुओं में एक महत्वपूर्ण बात यह है कि पढ़े लिखे वाले समाज में उत्पीड़ने की घटनाएं सबसे ज्यादा है। प्रताड़ित करने वाला परिवार और पीड़िता उच्च शिक्षित भी हैं। लेकिन शिक्षा से भी ऐसी पीड़िताओं का आत्चार के विरुद्ध लड़ने का आत्मविश्वास नहीं बढ़ाया है। इसी कारण शहरी परिवारों में पीड़ित होने वाली शिक्षित महिलाओं में बहुत कम ही घर से निकल न्याय के लिए गुहार लगाती हैं। इस विषय को दहेज उत्पीड़न के मामलों के आंकड़े देखकर अनदेखा नहीं किया जा सकता है। शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना के बाद भी महिलाएं घर की चौखट में घुट-घुट कर कभी बच्चे के लालन-पालन को देख कर जुल्मों-सितम सह रही है तो कभी बाप के नाम समाज में बदनाम होने के भय से सब कुछ सहन कर दोयम दर्ज से भी बदतर जिंदगी जी रही है। कामकाजी महिलाओं की संख्या में दिल्ली अव्वल सूची में है। यहां महिलाएं घरेलू कार्यों के साथ दफ्तर के काम काज के साथ-साथ परिवार की आर्थिम मजबूती में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। फिर भी घर की चाहरदिवारी में किसी न किसी तरह से प्रताड़ना झेलती है। उत्पीड़न के मामले में राजधानी दिल्ली की कोई सानी नहीं है। लेकिन यहां एक अच्छी बात यह है कि यहां मामले थाने तक पहुंच रहे हैं। हालांकि कई प्रकरणों में राजधानी में भी मामले दर्ज नहीं होने के प्रकरण सुर्खियों में आते हैं। दूसरे राज्यों के छोटे-बड़े शहरों के अलावा गांव देहात में तो थाने तक ऐसी घटनाएं पहुंच ही नहीं पाती है। सरकार ने महिला उत्पीड़न रोनके के लिए अभियान चलाया। घरेलू हिंसा संरक्षण कानून बनाया। इसके बाद भी पीड़ित नारी की व्यस्था उसके अंदर ही घुट रही है।
दर असल विकास के नाम पर हम इक्कसवी सदी में प्रवेश तो कर गये। लेकिन घर परिवार में नारी को दोयज दर्जे और मानसिकता अभी टूटी नहीं है। अनेक शहरी परिवारों में भले ही पढ़ाई लिखाई के मामले में बेटियों को बेटे की तरह दर्जा मिलने लगा है, लेकिन समाजिक बंदिश अभी भी कायम है। इक्कसवी सदी में नारी उत्पीड़न को खत्म किये देश के उज्ज्वल भविष्य की सपना कोरा है और महिला दिवस औपचारिक मात्र।
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दिल्ली विश्वविद्यालय में हमारे प्राध्यापक प्रो. नित्यानंद तिवारी ने एक बार मध्यकाल में नारी की दशा एक प्रसंग सुनाया था। वर्षों बाद एक भाई बहन के ससुराल जाता है। ससुराल में पीड़ित बहन की व्यथा जब वह अपने घर माता-पिता को सुनाता है। कहता है कि सुसराल वालों की मार से बहन का पीठ धोबी के पाट की तरह हो गया है। गुरुजी के प्रसंग को सुनाते हुए सिसक पढ़े। कक्षा में भी संवेदनशीलता छा गई। वर्षों बीत गई। बात आई-गई हो गई। लेकिन आए दिन महिला उत्पीड़न की खबरे बार-बार जेहन में उस प्रसंग का उभार देता है। मन व्यस्थित हो उठता है। ऐसा लगता है कि इक्सवी सदी में भी मध्ययुगीन दास्तां चारो ओर हैं।
मार्च में देश भर में आयोजित होन वाले महिला दिवस के कार्यक्रम नारी सशक्तिकरण के मजबूत पक्ष का उभारते हैं। इस बार मार्च शुरू होते ही तीन ऐसे समाचार पढ़ने को मिले, जिन्होंने मन को रुला दिया। पहली खबर फेसबुक पर एक मित्र के वॉल से मिली कि बिहार में एक बाप ने स्नातक में अध्ययनरत बेटी का चेहरा सिगरेट से इसलिए दागा क्योंकि वह कॉलेज के पिकनिक ट्रिप पर जाने वाली थी।
दूसरी खबर चंडीगढ़ से थी। यहां एक महिला को उसके पति ने दो वर्षीय बेटे के के साथ घर से बाहर निकाल दिया। महिला बेटे के साथ घर में अंदर घुसने की गुहार लगती रही। पुलिस ने भी हस्तक्षेप किया। लेकिन महिला को तत्तकाल घर में प्रवेश नहीं मिला। उसे नारी निकेतन भेजना पड़ा।
तीसरी खबर छत्तीसगढ़ से आई कि एक भाई ने 18 वर्षीय बहन इतना पीटा कि उसने अस्पताल में दम तोड़ दिया। कारण सिर्फ इतना था कि बहन ने भाई को नहाने में देरी होने की बात पर झल्लाने पर जवाब दे दिया था।
अजीत ट्रेजड़ी है। जितनी तेजी से महिलाओं का एक वर्ग सफलता के शिखर को चूमते जा रहा है, वहीं दूसरा वर्ग आज भी घर परिवार में मध्ययुगीन सामंती, समाजिक व्यवस्था की तरह अत्याचार से ग्रस्त है।
विषम परिस्थितियों में सफलता का तानाबाना बुनने वाली महिलाओं ने कई बार अग्नि परीक्षा की तरह यह सिद्ध किया है कि वे अनेक मामलों में पुरुषों से आगे हैं। यदि घर परिवार से सकारात्मक सहयोग मिलता तो निसंदेह उनकी सफलता की शिखर और ऊंची होती है। नारी उत्पीड़न की कहानी केवल छत्तीसगढ़ और चंडीगढ़ बिहार तक नहीं समिति है। देश के हर राज्य कमोबेश कहानी ऐसे ही है। नारी उत्पीड़न की दु:खद पहलुओं में एक महत्वपूर्ण बात यह है कि पढ़े लिखे वाले समाज में उत्पीड़ने की घटनाएं सबसे ज्यादा है। प्रताड़ित करने वाला परिवार और पीड़िता उच्च शिक्षित भी हैं। लेकिन शिक्षा से भी ऐसी पीड़िताओं का आत्चार के विरुद्ध लड़ने का आत्मविश्वास नहीं बढ़ाया है। इसी कारण शहरी परिवारों में पीड़ित होने वाली शिक्षित महिलाओं में बहुत कम ही घर से निकल न्याय के लिए गुहार लगाती हैं। इस विषय को दहेज उत्पीड़न के मामलों के आंकड़े देखकर अनदेखा नहीं किया जा सकता है। शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना के बाद भी महिलाएं घर की चौखट में घुट-घुट कर कभी बच्चे के लालन-पालन को देख कर जुल्मों-सितम सह रही है तो कभी बाप के नाम समाज में बदनाम होने के भय से सब कुछ सहन कर दोयम दर्ज से भी बदतर जिंदगी जी रही है। कामकाजी महिलाओं की संख्या में दिल्ली अव्वल सूची में है। यहां महिलाएं घरेलू कार्यों के साथ दफ्तर के काम काज के साथ-साथ परिवार की आर्थिम मजबूती में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। फिर भी घर की चाहरदिवारी में किसी न किसी तरह से प्रताड़ना झेलती है। उत्पीड़न के मामले में राजधानी दिल्ली की कोई सानी नहीं है। लेकिन यहां एक अच्छी बात यह है कि यहां मामले थाने तक पहुंच रहे हैं। हालांकि कई प्रकरणों में राजधानी में भी मामले दर्ज नहीं होने के प्रकरण सुर्खियों में आते हैं। दूसरे राज्यों के छोटे-बड़े शहरों के अलावा गांव देहात में तो थाने तक ऐसी घटनाएं पहुंच ही नहीं पाती है। सरकार ने महिला उत्पीड़न रोनके के लिए अभियान चलाया। घरेलू हिंसा संरक्षण कानून बनाया। इसके बाद भी पीड़ित नारी की व्यस्था उसके अंदर ही घुट रही है।
दर असल विकास के नाम पर हम इक्कसवी सदी में प्रवेश तो कर गये। लेकिन घर परिवार में नारी को दोयज दर्जे और मानसिकता अभी टूटी नहीं है। अनेक शहरी परिवारों में भले ही पढ़ाई लिखाई के मामले में बेटियों को बेटे की तरह दर्जा मिलने लगा है, लेकिन समाजिक बंदिश अभी भी कायम है। इक्कसवी सदी में नारी उत्पीड़न को खत्म किये देश के उज्ज्वल भविष्य की सपना कोरा है और महिला दिवस औपचारिक मात्र।
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Wednesday, March 2, 2011
बहन के बदले बीवी
2 Aug 2009, 1200 hrs IST,टाइम्स न्यूज नेटवर्क
कहानी है हरियाणा फतेहबाद जिले के गांव जांडली कलां की। यहां के रहने वाले नाथू राम की शादी गीता से होनी थी। उसी दिन नाथू की बहन की शादी गीता के मामा से होनी थी। लेकिन गीता के पिता ने डीएसपी से शिकायत कर दी। उन्होंने कहा गीता सिर्फ 15 साल की है और उनकी पत्नी और उसके परिवार ने साजिश के तहत गीता की शादी नाथू राम से तय कर दी, ताकि बदले में गीता के मामा की शादी हो सके। यह सब कुछ लेन-देन के तहत हुआ।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शादी रोक दी। लेकिन परिवार ने इसके लिए भी तैयारी कर रखी। उन्होंने तुरत-फुरत गीता की कजन सावित्री को दुल्हन के तौर पर पेश कर दिया। लेकिन सावित्री भी नाबालिग निकली। इसके बाद भी परिवारवाले रुके नहीं। उन्होंने परिवार में किसी और लड़की की तलाश शुरू कर दी, जिसकी शादी की जा सके। आखिरकार एक लड़की मिल गई, जिसकी उम्र 20 साल थी।
फतेहबाद के डीसी सी. जी. रजनीकांतन ने बताया कि पुलिस जब शादी रोकने के लिए पहुंची, तो परिवार वाले जोर दे रहे थे कि लड़की बालिग है। हालांकि लड़की खुद कह रही थी कि उसका जन्म 1993 में हुआ था। रजनीकांतन के मुताबिक जब मैंने उन्हें पुलिस केस की धमकी दी, तब जाकर वे शांत हुए और लिखित में दिया कि लड़की शादी बालिग होने के बाद ही की जाएगी।
यह कहानी सुनने में अजीब लगती है, लेकिन पहली बार नहीं हुई है। यही घटना सिरसा जिले के केहरवाल गांव में भी हुई थी। वहां तो लड़कियों की उम्र 12 और 14 साल थी।
हरियाणा में हालत यह हो गई है कि लड़कों की शादियां नहीं हो रही हैं। यहां सेक्स रेशो 822 के खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। कुछ गांवों में तो 1000 पुरुषों पर 300-400 लड़कियां ही रह गई हैं। ऐसे में यहां के ग्रामीण इलाकों में लेन-देन का सिस्टम चल पड़ा है। जब किसी लड़के की शादी नहीं होती, तो उसके परिवार की किसी लड़की के बदले अन्य परिवार की लड़की ले ली जाती है। लेकिन हर परिवार में तो शादी की उम्र की लड़कियां होती नहीं हैं। लिहाजा कई बार नाबालिग लड़की की शादी कर दी जाती है।
चंडीगढ़ में रहने वाले सोशल साइंटिस्ट मनजीत सिंह कहते हैं कि उन परिवारों को ऐसी दिक्कतें नहीं होतीं, जहां जमीन या पैसा खूब होता है। लेकिन छोटे किसानों या गरीब परिवारों के लड़कों के पास अपनी बहनों के बदले शादी करने के अलावा कोई चारा नहीं है। http://navbharattimes.indiatimes.com/articleshow/4847756.cms
कहानी है हरियाणा फतेहबाद जिले के गांव जांडली कलां की। यहां के रहने वाले नाथू राम की शादी गीता से होनी थी। उसी दिन नाथू की बहन की शादी गीता के मामा से होनी थी। लेकिन गीता के पिता ने डीएसपी से शिकायत कर दी। उन्होंने कहा गीता सिर्फ 15 साल की है और उनकी पत्नी और उसके परिवार ने साजिश के तहत गीता की शादी नाथू राम से तय कर दी, ताकि बदले में गीता के मामा की शादी हो सके। यह सब कुछ लेन-देन के तहत हुआ।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शादी रोक दी। लेकिन परिवार ने इसके लिए भी तैयारी कर रखी। उन्होंने तुरत-फुरत गीता की कजन सावित्री को दुल्हन के तौर पर पेश कर दिया। लेकिन सावित्री भी नाबालिग निकली। इसके बाद भी परिवारवाले रुके नहीं। उन्होंने परिवार में किसी और लड़की की तलाश शुरू कर दी, जिसकी शादी की जा सके। आखिरकार एक लड़की मिल गई, जिसकी उम्र 20 साल थी।
फतेहबाद के डीसी सी. जी. रजनीकांतन ने बताया कि पुलिस जब शादी रोकने के लिए पहुंची, तो परिवार वाले जोर दे रहे थे कि लड़की बालिग है। हालांकि लड़की खुद कह रही थी कि उसका जन्म 1993 में हुआ था। रजनीकांतन के मुताबिक जब मैंने उन्हें पुलिस केस की धमकी दी, तब जाकर वे शांत हुए और लिखित में दिया कि लड़की शादी बालिग होने के बाद ही की जाएगी।
यह कहानी सुनने में अजीब लगती है, लेकिन पहली बार नहीं हुई है। यही घटना सिरसा जिले के केहरवाल गांव में भी हुई थी। वहां तो लड़कियों की उम्र 12 और 14 साल थी।
हरियाणा में हालत यह हो गई है कि लड़कों की शादियां नहीं हो रही हैं। यहां सेक्स रेशो 822 के खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। कुछ गांवों में तो 1000 पुरुषों पर 300-400 लड़कियां ही रह गई हैं। ऐसे में यहां के ग्रामीण इलाकों में लेन-देन का सिस्टम चल पड़ा है। जब किसी लड़के की शादी नहीं होती, तो उसके परिवार की किसी लड़की के बदले अन्य परिवार की लड़की ले ली जाती है। लेकिन हर परिवार में तो शादी की उम्र की लड़कियां होती नहीं हैं। लिहाजा कई बार नाबालिग लड़की की शादी कर दी जाती है।
चंडीगढ़ में रहने वाले सोशल साइंटिस्ट मनजीत सिंह कहते हैं कि उन परिवारों को ऐसी दिक्कतें नहीं होतीं, जहां जमीन या पैसा खूब होता है। लेकिन छोटे किसानों या गरीब परिवारों के लड़कों के पास अपनी बहनों के बदले शादी करने के अलावा कोई चारा नहीं है। http://navbharattimes.indiatimes.com/articleshow/4847756.cms
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