दिल्ली के एक स्कूल में सात साल पहले जब एमएमएस कांड का खुलासा हुआ था तो पूरे देश में जबरदस्त हंगामा हुआ था। लेकिन आज स्थिति यह है कि इतने एमएमएस कांड हो रहे हैं कि अब लोग इसे लोकल की रूटीन खबर की तरह ट्रीट करने लगे हैं।
भले ही इस तरह के एमएमएस से किसी युवती की जिंदगी बरबाद हो जाती हो और वह आत्महत्या तक करने को मजबूर हो जाती हो, लेकिन इस पर अंकुश लगाने के लिए हमारे यहां प्रभावी कानून का अभाव है। साइबर एक्ट की बात करें तो इसमें अभियुक्त को आसानी से जमानत मिल जाती है।
लव नहीं धोखा
एमएमएस (मल्टीमीडिया मैसेजिंग सर्विस) कांड के ज्यादातर केस लव स्टोरी के ही सामने आते हैं। सो, जाहिर है लड़की को विश्वास में लेकर या फिर बहलाकर उसके साथ अंतरंग संबंध बना लिए जाते हैं। वहीं कुछ केसों में युवक कैमरा छिपा देते हैं और अपने साथियों की मदद से इस तरह अपने मंसूबों को अंजाम देते हैं। यमुनानगर व अन्य जिलों में इसी तरह एमएमएस बनाए गए थे।
दोस्तों ने दिया उम्र भर का दर्द
यमुनानगर- नंदा कालोनी में एक युवक ने 12वीं कक्षा की छात्र को पहले तो प्रेम जाल में फंसाया। इसके बाद उसने अपने एक मित्र के साथ मिलकर उसका एमएमएस बना दिया। इतना ही नहीं, युवक ने छात्र व उसके परिवार को बदनाम करने की धमकी देते हुए छात्रा के पिता से पांच लाख रुपए तक मांग लिए। यमुनानगर में ही कुछ दिन पहले इसी तरह युवती का एमएमएस बनाया गया था।
रेवाड़ी- कॉलेज की एक छात्रा को फंसाया और उसका एमएमएस बनाकर सभी को प्रेषित कर दिया। हालांकि पुलिस ने कार्रवाई की और युवक को गिरफ्तार कर लिया। मगर अगले ही दिन उसे जमानत मिल गई। युवती और उसके परिजनों का घर से बाहर निकलना तक मुश्किल हो गया है। वहीं आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। आरोपियों में कुछ युवक बड़े परिवारों से ताल्लुक रखते हैं।
अम्बाला- एक युवती के मित्र ने अपने दो साथियों के साथ गैंगरेप किया और इसके बाद उसकी अश्लील फिल्म बना ली और बदनाम करने की धमकी देते हुए लगातार शोषण किया। लड़की के परिजनों की हिम्मत की वजह से यह मामला सामने आ गया, लेकिन अनेक मामले बदनामी के डर से सामने नहीं आते।
क्या है कानूनसाइबर एक्ट 67, 67 ए व 67 बी के तहत यदि कोई इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों की मदद से ऐसी सामग्री का प्रकाशन या प्रसारण करता है, जो अश्लील हो तो पहली बार किए ऐसे अपराध की हालत में उसे अधिकतम पांच साल तक के कारावास एवं/अथवा एक लाख तक के जुर्माने की सजा हो सकती है। अपराध दोबारा प्रमाणित हो जाए तो आरोपी को अधिकतम दस साल तक का कारावास एवं दो लाख तक का दंड हो सकता है।
जरूरी है नैतिक शिक्षा
युवक-युवाओं को नैतिक शिक्षा दी जानी जरूरी है। साथ ही माता-पिता को किशोरवय संतानों पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। उन्हें बच्चों के लिए समय देना चाहिए। दरअसल, परिवार में मां-बाप के स्नेह से वंचित संतान खास तौर से लड़किया साथी में प्यार की तलाश करती है, और कई बार गलत युवक को दोस्त बना बैठती हैं। जो प्रेम का हवाला देकर शारीरिक संबंध बनाता है और फिर ब्लैकमेल करने लगता है।- रजत सेतिया, मनोचिकित्सक
from/ http://www.bhaskar.com/article/HAR-OTH-love-sex-and-betrayal-1905389.html?HF=
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