Wednesday, February 5, 2020
चेहरे पर चेहरा लगाये घूम रहे लोग
सारा खेल तो पैसे का है साहेब। जो आम को खास और खास को आम बना देता है।
पटना। सारा खेल तो पैसे का है साहेब। जो आम को खास और खास को आम बना देता है। अधिक पैसे कमाने के लालच में इंसान इतने रूप बदल रहा है कि उसे अपना खुद का रूप भी ठीक से याद नहीं। दिन में शराफत का मुखौटा डालकर बड़े आदर्शवाद की बात करता है, वही इंसान रात में चोर, दुराचारी और लुटेरा बन जाता है। कुछ ऐसे ही दोहरे चरित्र बुधवार की शाम कालिदास रंगालय के मंच पर देखने को मिले। मौका था प्रांगण द्वारा आयोजित पाटलिपुत्रा नाट्य महोत्सव के चौथे दिन कहे विदूषक, बेंगलूरू की ओर से आयोजित नाटक 'दौ कौड़ी' के मंचन का। नाटक में एक व्यक्ति के दोहरे चरित्र को दिखाने की कोशिश की गई है। किस तरह पुलिस रिश्वत लेकर किसी का दोष दूसरे पर मढ़ देती है। एक राजनेता दूसरों का इस्तेमाल कर राजनीतिक रोटियां सेकते हैं। कैसे स्वतंत्रता सेनानियों के नाम पर भी लोग दुकानदारी करने से नहीं चूकते। हमारे समाज के अधिकतर व्यक्ति मुखौटा लगाकर घूमते हैं। उनका चेहरा दिन में कुछ और होता है और रात में कुछ और हो जाता है। नाटक 'दो कौड़ी का खेल' वल्तोल्त ब्रेख्त के अंग्रेजी नाटक 'थ्री पेनी ओपेरा' का परिमल दत्ता द्वारा हिदी रूपांतरण है। इसका निर्देशन श्रीनिवास बीसैट्टी ने किया।
ये थे कलाकार : आशीष अठावले, शतरूपा भट्टाचार्या, अंकिता जैन, श्री निवास बीशैट्टी, आलोका चटर्जी, मौलिक पांडे, बंशी विश्नोई, विवेक सिन्हा, सिद्धार्थ एसएस, मालविका शुक्ला, पीएल नारायण 'घीनुआ' में दिखी आदिवासियों की भूमि हड़पने की साजिश
कैनमास, पारादीप (उड़ीसा) की ओर से नाटक 'घीनुआ' का मंचन किया गया। घीनुआ भगवती चरण पणिग्रही की मशहूर कहानी शिखर पर आधारित नाटक है। इस नाटक में 1930 के दशक में आदिवासियों की भूमि हड़पने की येन-केन-प्रकेन साजिश को दर्शाने की कोशिश की गई है। नाटक की थीम महात्मा गांधी के स्वराज और समानता के लिए शुरू किये गये आंदोलन से प्रभावित है। इस नाटक में आदिवासियों के सामाजिक परिवेश, उसकी दुर्दशा और कई स्तरों के उपनिवेशवाद और उसकी बुराई से स्वतंत्र होने की उनके संघर्ष का स्मरण कराती है। नाटक का निर्देशन कैलाश पाणिग्राही ने किया है। आज का नाटक
ब्लूमिंग कल्चर एकेडमी ऑफ परफार्मिग आटर््स इम्फाल (मणिपुर) की ओर से 'गधागी लाऊझिंग', क्रिएशन की ओर से 'गड्ढा' और प्रस्तुति की ओर से 'उड़ान' नुक्कड़ नाटक का मंचन होगा।
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